Wednesday : 24-10-18 03:47:46 AM
English Hindi

सर्जिकल स्ट्राइक के दो साल पुरे होने के बाद भाजपा ने कहा - "ये मोदी है... इनको जवाब देना आता है" 

सर्जिकल स्ट्राइक के दो साल पुरे होने के बाद भाजपा ने कहा - "ये मोदी है... इनको जवाब देना आता है" 
Saturday, September 29, 2018 - 18:33
36

नई दिल्ली। सर्जिकल स्ट्राइक इन दिनों वापिस चर्चा का विषय बनी हुई है। सर्जिकल स्ट्राइक के 2 साल भी पुरे हो गए है।  सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पूरी दुनिया ने भारतीय सेना को लोहा भी माना था। भारतीय जवानों ने पाकिस्तान की सीमा पार कर सर्जिकल स्ट्राइक की थी, और उस समय सेना ने 38 आतंकियों को मौत के घाट भी उतारा था। भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक के द्वारा पाक के कैंपों को तहस-नहस कर दिया था। सर्जिकल स्ट्राइक के 2 साल पुरे होने के बाद बीजेपी ने एक विडियो जारी किया है, और कहा है की ये मोदी है। सर्जिकल स्ट्राइक का एक वीडियो जारी करते हुए भाजपा ने कहा की 'ये मोदी है...जवाब देना जानता है'। 

2 साल पहले पाक के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक अब वापिस सब को याद आ रही है। उस समय भारत की सेना ने पाक को उसके ही घर में जाकर ऐसा जवाब दिया की पाक उसके बाद काफी हद तक ठंडा पड़ गया है। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक को दो साल पूरे हो गए हैं। सरकार इसे 'पराक्रम पर्व' के रूप में मना रही है। देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और भारतीय जवानों के पराक्रम के बारे में बताया जा रहा है। इस मौके पर भाजपा ने सर्जिकल स्ट्राइक का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें असली तस्वीरें और फुटेज होने का दावा किया गया है। 

उल्लेखनीय है की भाजपा उस सर्जिकल स्ट्राइक का अब ट्वीट करके वीडियो शेयर कर रहे है, और उस वीडियो में भाजपा भारतीय सेना व भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी की बहुत ही ज्यादा प्रशंशा कर रही है। बीजेपी द्वारा ट्वीट किए गए 1.22 मिनट के विडियो में सर्जिकल स्ट्राइक के समय की असली तस्वीरें नीचे 'ऐक्चुअल फुटेज' लिखते हुए शामिल की गई हैं। विडियो के साथ बीजेपी के ट्विटर हैंडल पर संदेश लिखा गया कि हम सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले अपने बहादुर सैनिकों के अद्वितीय पराक्रम को सैल्यूट करते हैं। विडियो में ऑपरेशन की तस्वीरों के साथ बैकग्राउंड में पीएम मोदी की पाकिस्तान को लेकर दी गई चेतावनी भी सुनाई देती है। 

र्जिकल स्ट्राइक होने के बाद से ही हमेशा से दो प्रश्न चर्चा का विषय बने हुए है। पहला सवाल यह है की सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीती क्यों होती है। दूसरा क्या शिक्षण संस्थाओं में सुरक्षा संबंधी मसलों को राजनीतिक आईने से देखा जाना चाहिए? पहले प्रश्न की बात की जाए तो कई बातें सामने आती हैं। सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान के विरुद्ध था। उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद यह सब किया गया। हमारे 14 सैनिकों पर देर रात घात लगाकर हमला किया गया था। जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने इसे सुनियोजित रूप से अंजाम दिया था, जिसे पाकिस्तानी सेना की ओर से पूरी मदद मुहैया कराई गई थी।

उत्तरी कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा के आर्डर के बाद नॉर्देन कमांड के दोनों यूनिट की क्रॉस बार्डर स्ट्राइक के लिए ट्रैनिंग शुरू हो गई। ट्रेनिंग के बाद ऑपरेशन X के लिए जवान तैयार थे। सेना प्रमुख दलवीर सिंह ने इस ऑपरेशन को लेकर साफ कहा था कि कोई भी जवान दुश्मन के इलाके में पकड़ा न जाए इसका विशेष ध्यान रखें। 19 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली दोनों बटालियन को उत्तरी कमांड के मुख्यालय में बुलाया गया। 20 और 12 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पूरे प्लान को डिस्कस किया गया। इस स्ट्राइक के बाद सभी डालो के नेतावो सहित पुरे देशवासियो ने सेना की तारीफ के पुल बांध दिए।  

नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन में शामिल हुए जवानों की खूब तारीफ की थी। उन्होंने विदेशी जमीं पर भारतीय जवानों की वीरता का परिचय दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत संयम रखता है लेकिन जब जरूरत पड़े तो भारत अपने सामर्थ्य का परिचय भी देता है। जब कोई आतंक एक्सपोर्ट करने का उद्योग बनाकर बैठा है, युद्ध करने की ताकत नहीं है, पीठ पर वार करने के प्रयास होते हैं तो ये मोदी है उसी भाषा में जवाब देना जानता है। जवानों पर गर्व है कि जो योजना बनी थी उसमें बिनी गलती के उन्होंने शत से प्रतिशत पालन किया। सूर्योदय के पहले वे वापस लौट गए। टेररिज्म एक्सपोर्ट करने वालों को पता होना चाहिए कि भारत अब बदल चुका है।

और पढ़ें

Add new comment