Wednesday : 24-10-18 04:37:27 AM
English Hindi

भारत की ईरान से तेल आयात को लेकर हो रही परेशानी को सुलझाएगा अमेरिका  

भारत की ईरान से तेल आयात को लेकर हो रही परेशानी को सुलझाएगा अमेरिका  
Saturday, September 29, 2018 - 19:01
32

नई दिल्ली। ईरान पर प्रतिबंध के बाद दोस्त भारत को दिक्कत न हो इसलिए अमेरिका ने नए विकल्प की तलाश शुरू कर दी है। इस तलाश से US ने भारत को राहत के संकेत दिए है। अमेरिका ने कहा की ईरान पर लगे बैन से बचाने में 'दोस्‍त' यानि की भारत की मदद करेंगे। अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध के बाद भारत को तेल आपूर्ति के वैकल्पिक रास्ते तलाश रहा है। ईरान से कारोबार करने वाले देशों को अमेरिका बैंकिंग सिस्टम से भी बाहर करेगा। अमेरिका की इस प्रकार की चेतावनी देने के बाद भी भारत ईरान से तेल ख़रीदता रहेगा। 

अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाने की पूरी तैयारी कर ली है, और उसकी इस तैयारी से भारत ईरान से तेल आयात को बंद करने को लेकर मुश्किल में फसा हुआ है। और भारत की इस समस्या को सुलझाने के लिए अमेरिका पूरी तरह से मदद करने के लिए तैयार है। इसी बीच अमेरिका ने भारत की तेल जरूरतों का संज्ञान लेते हुए कहा कि वह अपने दोस्त भारत के लिए तेल सप्लाई का नया विकल्प तलाशने में जुटा है। अमेरिका का कहना है कि वह नहीं चाहता कि उसके कदम की वजह भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर पड़े।

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की इस साल की शुरुआत में अमेरिका 2015 के ईरान परमाणु संधि से पीछे हट गया था और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। पहले चरण का प्रतिबंध पहले से ही प्रभावी है और चार नवंबर से यह प्रतिबंध पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा। अमेरिका उम्मीद करता है कि भारत सहित सभी देश ईरान से तेल का आयात शून्य तक ले आएंगे। अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि ईरान के साथ जो भी देश व्यापार करेगा, उसे अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय प्रणाली से बहिष्कृत कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि ईरान पर लगे इस प्रतिबंध पर सयुंक्त राष्ट्र अमेरिका ने अपनी मुहर लगा कर ईरान को पूर्णतया तगड़ा झटका दे दिया है। इस प्रतिबंध पर संयुक्त राष्ट्र की मुहर नहीं लगी है। भारत की हमेशा से यह पारंपरिक नीति रही है कि वह सिर्फ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को ही मानता रहा है। ईरान से तेल का आयात करने वाले देशों में से एक भारत ने पहले ही वहां से तेल का आयात कम कर दिया है, लेकिन ऐसे संकेत दिए हैं कि अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे खत्म नहीं किया जाएगा। 

इस साल की शुरुआत में अमेरिका 2015 के ईरान परमाणु संधि से पीछे हट गया था और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे पहले दौर का प्रतिबंध पहले से ही प्रभावी है और चार नवंबर से यह प्रतिबंध पूरी तरह से लागू हो जाएगा। खबरों के मुताबिक  'अमेरिका अपने सभी मित्रों और सहयोगियों के साथ प्रतिबंध लागू होने पर चर्चा कर रहा है। हम भारत के तेल आयात की जरुरत को समझते हैं। इस चर्चा का हिस्सा भारत को तेल की वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करना है ताकि भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर न पड़े'।

2016 में एक नवंबर को इंडियन बैंक ईरान में ब्रांच खोलने वाला तीसरा विदेशी बैंक बना था। इसके साथ ही एयर इंडिया ने नई दिल्ली से सीधे तेहरान के लिए उड़ान की घोषणा की थी। हालांकि, 2009 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव पर ईरान के ख़िलाफ़ वोट किया था और कहा जाता है कि भारत ने ऐसा अमरीकी दबाव में किया था। इसी साल भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपनी सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान से जुड़े एक सवाल पर कहा था कि भारत ईरान पर संयुक्त राष्ट्र को मानेगा न कि अमरीका के प्रतिबंधों को। 

और पढ़ें

Add new comment