11/2/2019 11:39:33 PM

NCP का बयान, कहा- अगर शिवसेना बीजेपी का साथ छोड़ दे तो...

मुंबई: 

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच तनातनी जारी है. इस बीच शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने बड़ा बयान दिया है. एनसीपी (NCP) ने कहा कि अगर शिवसेना बीजेपी के बगैर 'लोगों की सरकार बनाने को तैयार है, जिसकी छत्रपति शिवाजी महाराज ने कल्पना की थी, तो वह सकारात्मक रुख अपनाएगी...' राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी लोगों के हित में कोई फैसला लेती है तो विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं. हालांकि एक दिन पहले ही राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि उनकी पार्टी विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाएगी.  

 

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने एक के बाद एक कई ट्वीट किये और कहा कि 'सरकार गठन की पहल शिवसेना की तरफ से होनी चाहिए.' उन्होंने बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार पर उनके बयान को लेकर निशाना साधा और कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन थोपने का कोई प्रश्न ही नहीं है और उनकी पार्टी (एनसीपी) राज्य को लोकतांत्रिक तरीके से दिशा देने का प्रयास करेगी. मलिक ने कहा, ''हम राष्ट्रपति शासन के माध्यम से लोकतंत्र का गला नहीं घोंटने देंगे. हम एक वैकल्पिक सरकार देने के लिए तैयार हैं. शिवसेना और अन्य दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए

 

आपको बता दें कि बीजेपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा था कि  अगर राज्य में सात नवंबर तक नयी सरकार नहीं बनती है तो यहां राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है. इसपर शिवसेना ने पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा राष्ट्रपति या राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग करने का कोई भी प्रयास 'देश के लिए खतरा' है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि राज्य के राजनीतिक संकट में राष्ट्रपति कार्यालय को इस तरह से घसीटना 'अनुचित और गलत' है