11/6/2019 5:37:02 AM

क्या अफवाह के चलते दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत में भड़की हिंसा?

नई दिल्ली: दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत में शनिवार को पुलिस और वकीलों के बीच हुई हिंसक भिड़ंत के मामले में न्यायिक जांच चल रही है. वही दिल्ली पुलिस को भी 6 हफ्ते में अपनी आंतरिक जांच रिपोर्ट कोर्ट में सबमिट करनी होगी. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में ये बात सामने आयी है की झगड़े के बाद वकीलों के बीच ये अफवाह फैलाई गयी थी कि एक वकील की लॉक अप के अंदर बेरहमी से पिटाई की गयी है. जबकि सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि शुरुआत में उस वकील के साथ लॉकअप में किसी ने पिटाई नही की.

कोर्ट में बार कॉउन्सिल के इलेक्शन की कैंपेनिंग के चलते कई बाहरी व्यक्तियों का भी जमावड़ा था. गोली सेल्फ डिफेंस में चलाई थी. शुरुआती जांच में ये बात भी सामने आयी है कि दिल्ली बार एसोसिएशन के 5 तारीख को होने वाले एलेक्शन के चलते कई बाहरी वकील भी कैंपेनिंग के लिए वहां आये हुए थे. जांच के दौरान तीस हज़ारी अदालत में तैनात कई पुलिस कर्मियों ने वकीलों को पहचाना है जो वहां प्रैक्टिस ही नहीं करते थे. इतना ही नहीं जिस पुलिस कर्मी से गोली चली थी उसने जांच के दौरान सेल्फ डिफेंस में गोली चलाने की बात कही . सूत्रों के मुताबिक पुलिस कर्मी ने ये गोली अपने सीनियर को उग्र भीड़ से बचाने और वकीलों को लॉक अप में घुसने से रोकने के लिए चलाई जहा जेल से लाये कैदियों को रखा गया था.

हंगामा करने और गाडियो को आग लगाने वाले 3 पुलिस कर्मियों की पहचान हुई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पिछले 20 साल से कैदियों को तिहाड़ जेल से टीड हज़ारी लाने वाले एक कांस्टेबल की मदद से 3 वकीलों की पहचान की गयी है जिंन्होने मारपिटाई और आगजनी की. इनमें एक महिला वकील भी शामिल है. हालांकि अभी तक किसी भी वकील के बयान ईस मामले में नहीं लिए गए है.