12/24/2018 11:38:14 PM

कॉमेडी का बादशाह, जो प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध के समय बना लोगों की हंसी का सहारा

हिस्ट्री डेस्क। बात अगर कॉमेडी की आये तो सबसे पहले प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय कॉमेडियन 'चार्ली चैपलिन' का नाम हमारे जहन में आता हैं। उनके कॉमिक अंदाज और उनकी तमाम उपलब्धियों की वजह से उन्हें 'सर' की उपाधि से नवाज़ा गया। चैपलिन को साल 1975 को नाइटहुड की उपाधि दी गई थी। उन्होंने 88 साल की उम्र में 25 दिसंबर 1977 को अपने स्विट्जरलैंड के निवास पर अंतिम सांस ली। कहा जाता हैं कि वे सोते-सोते हो कोमा में चले गए थे। 

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चार्ली चैपलिन तो इस दुनिया को अलविदा कह गए लेकिन उनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में छाई हुई हैं। उनके कॉमेडी वीडियोज को देखने पर आज भी लोग हंसने पर मजबूर हो जाते हैं। सर चैपलिन ने मूक फिल्मों के दौर में अपने कॉमिक अंदाज से करोड़ों लोगों के दिलों पर राज किया हैं। चार्ली चैपलिन अपने पीछे पत्नी ऊना समेत आठ बच्चों को छोड़ गए। उनकी पत्नी ऊना उस समय के मशहूर नाटककार यूजीन ओ'नील की बेटी थीं। 

चार्ली चैपलिन को उनके निधन के बाद लुसाने, स्विट्जरलैंड स्थित उनके निवास से करीब एक मील दूर ले जाकर दफनाया गया। लेकिन कुछ समय पश्चात ही चैपलिन का शरीर उनकी कब्र से चोरी कर लिया गया। जोकि करीब 11 हफ्ते तक लापता रहा लेकिन मई 1978 में उनका शरीर बरामद कर लिया गया। चोरी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया जो सर चैपलिन के शरीर के बदले उनके परिवार से पैसे ऐठना चाहते थे। 

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बात करें चैपलिन के करियर की तो उन्होंने अभिनेता, लेखक, निदेशक, निर्माता, कंपोजर और कोरियोग्राफर के तौर पर करीब 80 फिल्मों में काम किया। जिसमें द गोल्ड रश, सिटी लाइट्स और लाइमलाइट मुख्य हैं। चैपलिन के जन्म के बारे में कोई आधिकारिक रूप से जानकारी नहीं मिल पाई हैं। लेकिन बताया जाता हैं कि उनका जन्म 16 अप्रैल 1889 को लंदन में हुआ था। उनका बचपन काफी संकटो से गुजरा था। 

चार्ली चैपलिन के बारे में कहा जाता हैं कि उन्होंने महज 13 साल की उम्र से ही स्टेज शो करना शुरू कर दिया था। सन 1916 आते-आते उन्होंने प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय कॉमेडियन के तौर पर अपनी पहचान स्थापित कर ली। प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध का समय था जब पूरी दुनिया में संकटों का पहाड़ उमड़ पड़ा था। वो समय था जब चार्ली चैपलिन की फिल्मों ने लोगों को कुछ पलों की हंसी दी थी।