जब सैंया भए कोतवाल, तो काहे का डर

जब सैंया भए कोतवाल, तो काहे का डर
Published Date:
Sunday, June 10, 2018 - 09:46

दीप्ति चौहान

एटा - जी आपको पढ़ने में अटपटा लगेगा लेकिन इस कहावत को चरितार्थ यूपी पुलिस और उनके दबंग रिश्तेदार चरितार्थ कर रहे हैं मामला निधौली कला थाना क्षेत्र का है। जहां गांव नगला सुजान का रहने वाला रामकिशोर धानुक मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का लालन पालन करता है।

रामकिशोर पर स्वयं की मात्र 3 बीघा जमीन है। वह भी आजकल दबंगों के कब्जे में है। मामला दरअसल कुछ यूं है कि रामकिशोर के पिता मेघ सिंह की मृत्यु के बाद उक्त जमीन पर रामकिशोर का नाम दर्ज हो गया। कहने को कागजात के अनुसार जमीन पर रामकिशोर का ही नाम दर्ज है। पर रामकिशोर इसे इस्तेमाल नहीं कर सकता, क्योंकि उसके अनुसार गांव के ही मलखान सिंह यादव ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा है। राम किशोर ने इसकी शिकायत संबंधित थाने से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा तक को लिखित में दे रखी है। पीड़ित रामकिशोर द्वारा कप्तान साहब को दिए गए लिखित शिकायत पत्र पर थानाध्यक्ष निधौली कला को प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने व दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए निर्देश दिए गए थे।

पीड़ित का कहना है कि 2 दिन पूर्व उप निरीक्षक रणवीर सिंह दोषी को थाने ले आए थे, जिससे कुछ देर पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया। पीड़ित यह भी आरोप लगा रहा है के दोषी द्वारा दरोगा जी से कोई रिश्तेदारी निकाल ली गई है, जिससे बिना किसी कार्यवाही के दोषी को छोड़ दिया गया,और स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। पीड़ित आज भी न्याय की गुहार इधर उधर लगाता घूम रहा है लेकिन इसकी सुनने वाला कोई नहीं।