घनश्याम तिवाड़ी अब राजस्थान में जयप्रकाश नारायण की भूमिका निभाएंगे

घनश्याम तिवाड़ी अब राजस्थान में जयप्रकाश नारायण की भूमिका निभाएंगे
Published Date:
Monday, June 25, 2018 - 13:37

( एस.पी.मित्तल )

आपातकाल की 43वीं बरसी पर 25 जून को घनश्याम तिवाड़ी ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। तिवाड़ी ने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा है। 25 जून को जयपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में तिवाड़ी ने कहा कि अब वे राजस्थान में सर्वोदयी नेता जयप्रकाश नारायण की भूमिका निभाएंगे। छोटे बड़े राजनीतिक दलों को एकजुट कर राजस्थान से वसुंधरा राजे का शासन हटाएंगें।
जयप्रकाश नारायण ने कांग्रेस के घोषित आपातकाल की वजह से आंदोलन खड़ा किया और मैं भाजपा के अघोषित आपातकाल की वजह से आंदोलन खड़ा कर रहा हंू। उनकी भारत वाहिनी पार्टी राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, तिवाड़ी स्वयं जयपुर के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। माना जा रहा है कि तिवाड़ी के इस्तीफे से भाजपा को नुकसान होगा। हालांकि तिवाड़ी पिछले 3 वर्षों से असंतुष्ट थे और उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। तिवाड़ी भाजपा के पहले शासन में वरिष्ठ मंत्री भी रहे, लेकिन वसुंधरा राजे के दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर तिवाड़ी की पटरी राजे के साथ नहीं बैठी।

बना रहेाग अनुशासन-परनामीः

तिवाड़ी के पार्टी छोड़ने पर भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि अब संगठन में अनुशासन बना रहेगा। तिवाड़ी ने भाजपा का विधायक रहते हुए अपनी ही सरकार की आलोचना की, लेकिन फिर भी पार्टी ने धैर्य बनाए रखा। अब तिवाड़ी खुद ही पार्टी छोड़ कर चले गए हैं। जो कार्यकर्ता वफादार और निष्ठावान होतो है उसी का संगठन में सम्मान है।

कोई फर्क नहीं पड़ेगा भाजपाः

तिवाड़ी के इस्तीफे पर भाजपा के प्रवक्ता पकंज जोशी का कहना राह कि इससे भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा ने तिवाड़ी के मुकाबले में अनेक नेता हैं जो स्वयं को कार्यकर्ता ही मानते हैं। भाजपा एक विशाल संगठन है। किसी एक नेता के चले जाने से संगठन पर कोई फर्क नहीं होता। वहीं कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती अर्चना रामी ने कहा कि तिवाड़ी को भाजपा में अपमानित किया गया। तिवाड़ी ने भाजपा में रहते हुए मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। इससे भाजपा सरकार की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बेनीवाल से तालमेल-निर्दलीयः

विधायक हनुमान बेनीवाल और घनश्याम तिवाड़ी के बीच राजनीतिक गठबंधन हो सकता है। बेनीवाल ने भी जगह-जगह रैलियां कर भाजपा सरकार को चुनौती दी है। माना जा रहा है कि बेनीवाल और तिवाड़ी का गठबंधन अन्य छोटे दलों से तालमेल कर राजस्थान में भाजपा को बड़ी चुनौती देगा। असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी ज्यादातर सीएम राजे की कार्यशैली को लेकर है।