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जानिए भारतीय सेना ने किस प्रकार की थी सर्जिकल स्ट्राइक!

जानिए भारतीय सेना ने किस प्रकार की थी सर्जिकल स्ट्राइक!
Thursday, September 27, 2018 - 18:20
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नई दिल्ली। भारतीय सेना का हमारे देश में खास महत्व है। पाकिस्तानियो के हर बार आक्रमण करने या आंतकियो के देश में प्रवेश करने पर हमारी इंडियन आर्मी उन्हें मुहतोड़ जवाब देती है। कभी भी किसी प्रकार  के युद्ध में इंडियन आर्मी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। और इसी वजह से इस सेना को बहुत सम्मान दिया जाता है। हमारे देश और भारतीय सेना के लिए खास महत्व रखता है। 29 सितंबर की उस तारीख को हर भारतीय अपने जहन में जिंदा रखना चाहेगा क्योंकि इसी दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी और दुश्मनों के बंकरों को उड़ा डाला था। अब सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो और तस्वीरें जारी की गई हैं। जो वीडियो जारी हुआ है, वह 1 मिनट 40 सेकेंड का है, जिसमें साफ-साफ देखा जा सकता है कि कैसे सेना ने कैसे आतंकियों के बंकरों को नसष्ट कर दिया। इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह सेना ने आतंकियों के बंकरों को तबाह कर दिया। बता दें कि इस सर्जिकल स्ट्राइक में भारती सेना ने कुछ आतंकियों को भी मौत के घाट उतार दिया था।

इस सर्जिकल स्ट्रायक के बाद सभी भारतीयों ने अपनी सेना पर गर्व महसूस किया था, लेकिन उसी समय चंद लोगो ने इस सर्जिकल स्ट्राइक  को फर्जीकल स्ट्राइक भी बताया था। लेकिन रियल में हमारी सेना ने उस समय कड़ी मेहनत करके उस रात को आंतकियो को ढेर किया था। कुछ लोगो ने हमारी सेना पर सवाल उठाया था, लेकिन यह हमारे देश के लिए फायदे की बात नहीं है।2016 में 28-29 सितंबर की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने एलओसी पार करके आतंकी लॉन्च पैड पर हमले किए थे। सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 50 आतंकी मारे गए थे और कई आतंकी कैंप पूरी तरह से तबाह भी हुए थे। सरकार ने बाद में पैरा कमांडोज की सर्जिकल स्ट्राइक के ऑपरेशन की कहानी शेयर की थी। सर्जिकल स्ट्राइक में पैरा रेजिमेंट के 4th और 9th बटालियान के एक कर्नल, पांच मेजर, दो कैप्टन, एक सूबेदार, दो नायब सूबेदार, तीन हवलदार, एक लांस नायक और चार पैराट्रूपर्स ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। मेजर रोहित सूरी के नेतृत्व में 28-29 सितंबर की रात को आठ कमांडोज की टीम पाक अधिकृत कश्मीर के लिए रवाना हुई थी।

सर्जिकल स्ट्राइक से पहले मेजर सूरी ने पूरे इलाके की रेकी की और जवानों को इंतजार करने को कहा। सुबह छह बजे होते ही भारतीय सेना आतंकियों पर टूट पड़े। इस दौरान मेजर सूरी ने जान की परवाह किए बिना दो आतंकियों का पीछा कर उन्हें नजदीक जाकर मार गिराया। नायब सूबेदार विजय कुमार को आतंकवादियों पर नजर बनाए रखने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक से एक दिन पहले ही पाक अधिकृत कश्मीर में भेज दिया गया था।  सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान विजय कुमार ने जान की परवाह किए बैगर दो आतंकियों को मार गिराया और उनकी मशीनगनों को तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान कोई भी भारतीय जवान शहीद नहीं हुआ लेकिन एक पैराट्रूपर घायल हुआ। सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान पैराट्रूपर ने देखा कि दो आतंकी एक टीम पर हमला करने वाले है तो उसने उनका पीछा किया और इस दौरान उसका पैर एक माइन पर पड़ गया। इसके बाद हुए धमाके में उसके दायां पंजा उड़ गया। इसके बाद भी उस पैराट्रूपर ने जान की परवाह न करते हुए एक आतंकी को मार गिराया। 

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