झारखंड की दोनों सीटें भाभियों ने जीत ली हैं

झारखंड की दोनों सीटें भाभियों ने जीत ली हैं
Published Date:
Thursday, May 31, 2018 - 15:32

कर्नाटक के दर्द से भाजपा अब तक नहीं उबरी है. लेकिन दर्द है कि बढ़ता ही जा रहा है. झारखंड में जिन दो विधानसभा सीटों पर पार्टी लड़ी हार गई. 28 मई को झारखंड की दो विधानसभा सीटों – गोमिया और सिल्ली के लिए वोटिंग हुई थी. दोनों जगह झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी की जीत हुई है.

कौन-कौनसी सीटें हैं और कहां हैं ?

सीटों का नाम है गोमिया (सीट नं 34) और सिल्ली (सीट नंबर 61). गोमिया पड़ता है बोकारो में. वही बोकारो, जहां स्टील प्लांट है. सिल्ली रांची में पड़ता है.

क्यों करवाना पड़ा उपचुनाव ?

सिल्ली से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक अमित महतो पिछला चुनाव तकरीबन 29000 वोट की मार्जिन से जीते थे. इन्हें रांची की एक कोर्ट ने सोनाहातू के तत्कालीन सीओ आलोक कुमार पर जानलेवा हमले के मामले में दोषी पाया था. मार्च 2018 में कोर्ट ने उनको दो साल की सजा दे दी. इससे उनकी विधायकी चली गई और वो चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए.

गोमिया में झारखंड मुक्ति मोर्चा के ही टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे योगेंद्र प्रसाद महतो के ‘कोक’ प्लांट चलते हैं. ‘कोक’ कोयले का ही एक परिष्कृत रूप होता है जो उद्योगिक इस्तेमाल में आता है. 2010 में योगेंद्र पर इल्ज़ाम लगा कि उन्होंने अपने कोक प्लांट्स के लिए कोयला चुराया. फरवरी 2018 में उन्हें इस मामले में दोषी पाया गया और योगेंद्र, उनके भाई और दो और लोगों को सज़ा हुई. योगेंद्र को तीन साल की सजा मिली और 10 साल तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई. इसलिए इन दोनों सीटों पर चुनाव कराने की नौबत आई.

कौन-कौन थे मैदान में?

सिल्ली

सुदेश महतो – ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी (आजसू)
सीमा महतो – झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)

गोमिया

लंबोदर महतो – आजसू
माधवलाल सिंह – बीजेपी
बबिता महतो – झामुमो

झामुमो की ‘नारी शक्ति’

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दोनों सीटों पर अपने विधायक आपराधिक मामलों में दोषी पाए जाने पर खोए. लेकिन पार्टी ने इन नेताओं से किनारा नहीं किया. उन्होंने इनकी पत्नियों को टिकट दिया. सिल्ली से अमित महतो की पत्नी सीमा महतो ने चुनाव लड़ा और गोमिया योगेंद्र महतो की बबिता महतो ने.

चुनाव नतीजे

सिल्ली में सीमा महतो को तकरीबन 77 हज़ार वोट मिले हैं. दूसरे नंबर रहे सुदेश महतो जिन्हें 63,500 के करीब वोट मिले. सीमा तकरीबन 13000 वोट की लीड से चुनाव जीती हैं. ये उनके पति अमित महतो की 29,740 की लीड से आधे से भी कम है. अमित ने 2014 में अमित को ही हराया था. गोमिया से बबिता महतो 59451 मतों के साथ जीत गई हैं. वो आजसू के लंबोदर महतो से 8 हज़ार वोट आगे रहीं. भाजपा के माधव लाल सिंह तीसरे नंबर पर रहे.

नतीजों की वजह

पहली वजह ये कि सीटें झामुमो के पास पहले से थीं. दूसरी ये कि झामुमो को कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा, राजद और वामदलों से भी सर्मथन मिला हुआ था. इसीलिए झामुमो कैंडिडेट को मिला वोट बंटा नहीं.(( लल्लनटॉप )