दिल्ली मेट्रो की सुरंग में घुसा और अगले स्टेशन पर बाहर निकला

दिल्ली मेट्रो की सुरंग में घुसा और अगले स्टेशन पर बाहर निकला
Published Date:
Monday, May 28, 2018 - 11:35

दिल्ली मेट्रो में एक खतरनाक हादसा होते-होते रह गया. एक आदमी येलो लाइन के अंडरग्राउंड साकेत मेट्रो टनल में घुस गया और अगले स्टेशन मालवीय नगर पर बाहर निकला. मतलब वो इस दौरान तकरीबन एक किलोमीटर लंबी अंधेरी सुरंग में चला. जब मालवीय नगर पर बाहर निकला तो लोग उसे देखकर हैरान हो गए. वो बिना शर्ट के घूम रहा था और उसकी छाती से खून निकल रहा था. मेट्रो स्टेशन पर मौजूद कुछ लोग इसका वीडियो बनाने में लग गए, तो कुछ ने उसे पानी ऑफर किया. इतनी ही देर में वहां मेट्रो सिक्योरिटी में लगे जवान आ गए और उसे धर लिया. मामला 25 मई की शाम 7.30 बजे का है.

मेट्रो मैनेजमेंट और जनता इस बात से हैरान थी कि इतनी सिक्योरिटी के बीच उसने ये सब किया कैसा. CISF के जवानों से पूछताछ करने पर पता लगा कि ये पहला मौका है जब कोई आदमी मेट्रो टनल में घुस पाया है. ऐसा करने की कोशिश पहले भी की गई है लेकिन होने नहीं दिया गया. इस बार कहीं चूक हुई और ये आदमी प्लैटफॉर्म पर उतरकर सुरंग में घुस गया. इसके चक्कर में कुछ देर के लिए मेट्रो रुकी रही.

अगर मेट्रो पुलिस की मानें तो ये शख्स साकेत स्टेशन पर लेडिज़ कोच में घुस गया था. वहां से इसे निकालकर 250 रुपए का फाइन लगाया गया था. इसके बाद वो प्लैटफॉर्म पर उतरा और दौड़कर सुरंग में घुस गया. फौरन इस बात की जानकारी मालवीय नगर के स्टेशन कंट्रोलर को दी गई और अगली मेट्रो को रोका गया. इससे इस आदमी की जान बच गई. वो ट्रैक पर दौड़ने के दौरान कई बार गिरा गया था, जिसकी वजह से उसकी छाती से खून निकल रहा था.

लोगों को लगा कि ये आदमी नशे में है. किसी का सामान चोरी करके या फाइन से बचने के लिए भाग रहा है. लेकिन इसके थोड़ी ही देर बाद इस 25 साल के इस लड़के के पापा मेट्रो स्टेशन पहुंचे और अधिकारियों से उसके बेटे को छोड़ने के लिए कहने लगे. उन्होंने बताया कि उनका बेटा मानसिक रुप से बीमार है और रोहिणी के अस्पताल में उसका ईलाज चल रहा है. उन्होंने सबूत के तौर डॉक्टर की पर्ची भी दिखाई. जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया. उस पर कोई केस नहीं दर्ज़ किया गया है.

इस लड़के के पिता ने बताया कि इसके दिमाग का इलाज़ चल रहा है. (फोटो: एएआई).

ये मेट्रो से जुड़ी पिछले कुछ दिनों में हुई दूसरी घटना है. अभी कुछ ही दिन पहले एक आदमी मेट्रो ट्रैक पर उतरकर दूसरे प्लैटफॉर्म पर जाता दिखा था. मेट्रो पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को प्लैटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाकर ही रोका जा सकता है. प्लैटफॉर्म स्क्रीन डोर एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक दरवाजा होता है, जो सिर्फ मेट्रो के आने पर ही खुलता है. फिलहाल ये ऑटोमैटिक दरवाजे मेजंटा और पिंक लाइन के अलावा येलो लाइन के कुछ स्टेशनों पर ही लगे है