रेल में खेल.....अधिकारी पास.....नियम कानून फेल

रेल में खेल.....अधिकारी पास.....नियम कानून फेल
Published Date:
Wednesday, May 30, 2018 - 11:45

जयपुर

जी हां भारतीय रेल में हालात यही है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय रेल को राष्ट्र की जीवन रेखा कहते हैं और भ्रष्टाचार के विरुद्ध " न खाऊंगा न खाने दूंगा "का नारा बुलंद करते हैं वही उत्तर पश्चिम रेलवे की अधिकारी और ठेकेदार इस राष्ट्र की जीवन रेखा को संक्रमित करने में लगे हुए और " खाएंगे और खाने देंगे " के नारे को जोर-शोर से आगे बढ़ा रहे ।

मामला जुड़ा हुआ है उत्तर पश्चिम रेलवे में काम करने वाली फर्म स्पार्कल लॉन्ड्री सर्विस से जहां पर रेलवे के नियम अनुसार स्पार्कल लौंड्रि सर्विस में कार्य करने वाले श्रमिकों को भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के नियमानुसार न्यूनतम वेतनमान मिलना था और वह सीधा उनके बैंक खाते में जमा होना था लेकिन कंपनी ने फर्जीवाड़ा कर वेतन को खाते में नहीं डाल कर नकद भुगतान पकड़ा दिया और वेतन रजिस्टर पर श्रमिको के फर्जी हस्ताक्षर कर मेकेनिकल विभाग उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता/ लिलेन (संजय कुमार गुप्ता ) ने प्रमाणित कर दिया और रेलवे से भुगतान उठा लिया जब इस मामले में रेलवे के उच्चाधिकारियों और कंपनी के मालिक से बात करना चाही तो कोई भी उचित जवाब नहीं दे पाया कि आखिरकार यह फर्जीवाड़ा किया क्यों और किन नियमो के तहत नकद भुगतान किया ।

अब ऐसे में सवाल उठता है कि जहां प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए प्रयत्नशील है वहीं उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारी और ठेकेदार प्रधानमंत्री के सपने को चकनाचूर करते जा रहे हैं