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घोटाले की रेल ,फर्जीवाड़े का खेल 

घोटाले की रेल ,फर्जीवाड़े का खेल 
Thursday, August 9, 2018 - 18:22
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जयपुर : जी हां आपको पढ़ने में थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा लेकिन हकीकत ये है की  एक तरफ रेलमंत्री पीयूष गोयल रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ न सिर्फ सख्त रवैया अपनाए जाने और प्रधानमंत्री के "ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा "  बयान का समर्थन करते  नजर आते हैं, बल्कि कई बार बैठकों के दौरान वह रेल अधिकारियों को अप्रत्यक्ष रूप से भ्रष्ट और कामचोर कहने से भी नहीं चूकते हैं. वही दूसरी तरफ वह भ्रष्ट अधिकारियों को तव्वजो भी देते दिखाई दे रहे हैं.

यही कारण है कि रेलवे के ऐसे ही कुछ भ्रष्ट अधिकारियों  और ठेकेदारों की बदौलत पिछले चार सालों से रेलवे में जमीनी कामकाज कम, बकवास और लफ्फाजी ज्यादा हो रही है.

  • जानिये क्या है मामला

भारतीय रेलवे के उत्तर-पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल में पियूष ट्रेडर्स  के फर्जीफाडे का मामला सामने आया है। यह घोटाला (वातानुकूलित )ऐ.सी कोचों के बेडरोल (चद्दर,तौलिया,कम्बल ) वितरण  के नाम पर ठेका लेने वाली कम्पनी पियूष ट्रेडर्स - कल्याण ( महाराष्ट्र ) के द्वारा किया जा रहा था।हाल ही में जयपुर मंडल में विधुत  विभाग  का नया घोटाला सामने आया है , विद्युत  विभाग जयपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों की और ठेका लेने वाली कंपनी पियूष ट्रेडर्स  के मालिक  की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है ।रेलवे की सभी गतिविधियां ऑनलाइन होने के बाद रेलवे हुए घोटालों का नियमित अंतराल पर खुलासा हो रहा है। इससे रेलवे अधिकारी चिंतित हैं। ।

सूत्र बताते हैं कि यह घोटाला विद्युत  विभाग और ठेकेदार के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहा था। इसमें ठेके में कार्यरत कर्मचारियों के फर्जी बैंक खाता खुलवा कर  और उनको बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र के अधिकारियो से प्रमाणित कर ठेके में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन की लाखो रूपये  की चपत लगाई गई और आज तक कर्मचारियों को भुगतान नहीं मिला जबकि रेलवे के रिकॉर्ड में भुगतान हो गया और कर्मचारियों को अभी तक अपने बैंक खातों  का पता नहीं है

सूत्रों के अनुसार यह घोटाला ए.सी (वातानुकूलित ) कोचों के बेडरोल ( चद्दर,तौलिया,कम्बल ) वितरण  में  उसमे काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह के नाम  होता था, अब  इस मामले में कुछ कर्मचारियों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है अब तक इसमें काम करने वाले कर्मचारियों को कितनी चपत लग चुकी है इसका खुलासा पुलिस जांच में ही होगा

 

  • कैसे किया फर्जीवाड़ा  
     
ए.सी (वातानुकूलित ) कोचों के बेडरोल ( चद्दर,तौलिया,कम्बल ) वितरण का काम लेने वाली कम्पनी ने जयपुर मंडल में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के खाते धोखाधड़ी करके और  बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र के खडकपाडा कल्याण शाखा में खुलवा दिया.
पियूष ट्रेडर्स  के मालिक ने बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर काम करने वाले कर्मचारियों के एटीएम ( ATM  ) हासिल कर लिए और रेलवे से मिलने वाले लगभग 24000/- रु.फर्जी तरीके से खुद और अपने कर्मचारीयो से एटीएम से पैसा निकालते थे और कर्मचारियों को मात्र 7000 रु दिए जाते थे 
 
  • कैसे हुआ मामले का खुलासा

 

एक कर्मचारी ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर बताया की जब वह अपनी गैस सब्सिडी के लिए गैस एजेंसी गया और पूछताछ की तो उसे बताया गया की गैस सब्सिडी बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र के खाते में जा रही . जब कर्मचारी ने इस मामले पर कम्पनी के मालिक और मुंबई ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों से बात की तो उसे बताया की खाते हमने खुलवाया है और उसका लेन-देन भी हम ही करेंगे गौरतलब है की आज तक कर्मचरियो को अपना पीएफ और भी नहीं मिला है 

"जबकि कर्मचारी का कहना है की वह कभी बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र की खडकपाडा (कल्याण) शाखा गया ही नहीं और ना ही उसने कोई खाता खुलवाने के फ़ार्म पर हस्ताक्षर किये है " 

 

  • क्या भुगतान के नियम

 

रेलवे के द्वारा दी गई निविदा शर्तो के अनुसार काम ठेके में करने वाले सभी कर्मचारियों का सरकारी नियमानुसार वेतन , ( PF ,ESI )  और  का भुगतान और वेतन भुगतान बैंक के द्वारा होना चाहिए

जब इस मामले में पियूष ट्रेडर्स  के मालिक से बात करना चाही तो कोई भी जवाब देने और खुल कर बोलने को तैयार नहीं है गौरतलब है की उक्त प्रकरण का मंडल और जोन के सभी अधिकारियों को पता है और इसमें कुछ उत्तर-पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल बड़े के अधिकारी भी लिप्त है 

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