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इस महान हस्ती ने ली दीपक मिश्रा की जगह, इन बड़ी चुनौतियों का करना होगा सामना 

इस महान हस्ती ने ली दीपक मिश्रा की जगह, इन बड़ी चुनौतियों का करना होगा सामना 
Sukhdev Choudhary
Wednesday, October 3, 2018 - 11:50
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नई दिल्ली। देश को आज नया चीफ जस्टिस मिलेगा, रंजन गोगोई दीपक मिश्रा की जगह लेंगे। नए CJI रंजन गोगोई के सामने अब कई चुनौतियां भी होगी। नए CJI जस्टिस गोगोई के सामने 4 बड़ी चुनौती होगी, इस वजह से गोगोई पर देश की निगाहें टिकी है। जस्टिस गोगोई के कहा की शायद हम धर्म, जाति के आधार पर पहले से कहीं अधिक बंटे हुए हैं। जस्टिस रंजन गोगोई भारत के नए मुख्य न्यायाधीश बने, राष्ट्रपति ने शपथ दिलाई। 

जस्टिस रंजन गोगोई ने देश के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वे देश के 46वें सीजेआई बने। गंभीर, अनुशासनप्रिय, मितभाषी और हर चीज को व्यवस्थित रखना जस्टिस गोगोई की खासियत है। इस व्यवहार के कारण जस्टिस गोगोई से देश और न्यायपालिका को काफी उम्मीदें हैं। अदालतों में करोड़ों मुकदमों का ढेर और न्यायाधीशों के खाली पड़े पद- ये दोनों समस्याएं जस्टिस गोगोई के लिए एक बड़ी चुनौती होंगी।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक नैतिकता की कसौटी पर मान्यताओं का निरंतर मूल्यांकन होना चाहिए, जब भी कोई संशय या संघर्ष उत्पन्न हो तो संवैधानिक नैतिकता ही अहम होनी चाहिए और संविधान के प्रति यही सच्ची भक्ति है। मंगलवार को रिटायर हो रहे चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के सम्मान में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में जस्टिस गोगोई ने सीजेआई दीपक मिश्रा के शानदार करियर के लिए उनकी प्रशंसा की।

सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में जस्टिस रंजन गोगोई कई पीठों में शामिल रहे। इस दौरान उन्‍होंने कई अहम फैसले भी सुनाए हैं। चुनाव के दौरान उम्‍मीदवारों की संपत्ति, शिक्षा व चल रहे मुकदमों का ब्‍यौरा देने के लिए ओदश देने वाली पीठ में जस्टिस रंजन गोगोई भी शामिल थे। 2- मई 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकारी विज्ञापनों में केवल राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारत के प्रधान न्‍यायाधीश की तस्‍वीरें ही शामिल हो सकती हैं। 

जस्टिस गोगोई के पिता कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री थे, इसके बावजूद वे राजनेताओं के विरुद्ध कानून का सख्ती से पालन कराते हैं। जस्टिस गोगोई की बेंच ने नेताओं पर चल रहे आपराधिक मुकदमों की तेजी से सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनाने का निर्देश दिया था। वे उस बेंच का भी हिस्सा थे जिसने 2013 में फैसला दिया था कि आपराधिक पृष्ठभूमि का पूरा ब्यौरा दिये बगैर नेता चुनाव नहीं लड़ सकते। 

जस्टिस गोगोई का जन्म 18 नवंबर 1954 को असम के डिब्रूगढ़ में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा डॉन वास्‍को स्‍कूल में हुई थी। इंटरमीडिएट की पढ़ाई काटेन कॉलेज गुवाहटी से हुई थी। दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के सेंट स्‍टीफन कॉलेज से इतिहास में स्‍नातक की शिक्षा पूरी की थी। इसके बाद डीयू से कानून की डिग्री हासिल की थी। 1978 में गुवाहाटी हाईकोर्ट में बतौर वकील करियर की शुरुआत की थी। 

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