दाती महाराज से बलात्कार की शिकार पीड़िता ने बताई पूरी आपबीती

दाती महाराज से बलात्कार की शिकार पीड़िता ने बताई पूरी आपबीती
Published Date:
Tuesday, June 12, 2018 - 12:03

जयपुर/ नई दिल्ली।

मदन मोहन राजस्थानी उर्फ दाती महाराज पर उनके ही आश्रम की शिष्या से यौन दुराचार की प्राथमिकी दर्ज हुई है। दाती महाराज दिल्ली के फतेहपुरी बेरी स्थित शनिधाम के संस्थापक भी हैं। उनकी ही आश्रम की शिष्या ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग में शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि लड़की की शिकायत पर दाती महाराज के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 354, 376 और 377 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजकर इस मामले में जबाव मांगा है।

 रिपोर्ट में पीड़िता ने सुनाई आपबीती 

आश्रम की शिष्या ने आरोप लगाया है कि वर्षों से वह दाती महाराज की शिष्या रही है। आश्रम में रहते हुए उसने दिल्ली और राजस्थान के पाली स्थित आश्रम में दो बार यौन दुर्व्यवहार किया। दाती महाराज के अलावा उनके दो शिष्यों ने भी उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। इस बात का जब उसने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी भी दी गई। किसी तरह से जान बचा कर वह वहां से भाग गई।

  आश्रम में होता है यौन दुर्व्यवहार 

यौन दुर्व्यवहार से पीडि़त महिला ने इस बात का आरोप लगया है कि आश्रम की एक साध्वी ने उसे दाती महाराज के पास भेजा। साध्वी ने उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया और कहा कि दूसरे साध्वियों के साथ भी ऐसा ही होता है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

  कहां है दाती महाराज

आश्रम की शिष्या की ओर से यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगने के बाद से दाती महाराज का कोई अता पता नहीं है। दक्षिण दिल्ली की पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही वह शिष्या के आरोपों पर दाती महाराज से पूछताछ करेगी।

सौंपी जाए एफआईआर की कॉपी

स्वाती मालिवाल ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजकर पीडि़ता को एफआईआर की कॉपी और मेडिकल जांच रिपोर्ट की कॉपी मुहैया कराने को कहा है। साथ ही पूरे मामले की जांच तत्काल प्रभाव से कराने की मांग की है।

दाती महाराज पक्ष की ये है सफाई 

इधर, इस मामले पर दाती महाराज ने मीडिया के समक्ष प्रस्तुत होकर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन उनके आश्रम की ओर से जारी बयान में इन आरोपों को निराधार और छवि धूमिल करने वाला करार दिया है।दाती महाराज पक्ष ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि सुनियोजित तरीके से दाती को बदनाम करने के लिए ये साजिश रची गई है। बताया गया है कि पीड़िता को दो साल पहले मर्जी से आश्रम छोड़ा गया था। आश्रम पक्ष के मुताबिक़ कुछ लोगों ने लड़की और उसके पिता को प्रलोभन देकर उनपर ये इलज़ाम लगाए हैं।