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दो वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अब अपराध नही- सुप्रीम कोर्ट

दो वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अब अपराध नही- सुप्रीम कोर्ट
Thursday, September 6, 2018 - 13:48
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दिल्ली। भारत में दो वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध बनाना अब अपराध नहीं है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने गुरुवार को दो वयस्कों के बीच सहमति से बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अपराध मानने वाली धारा 377 से बाहर कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 को मनमाना करार देते हुए व्यक्तिगत चुनाव को सम्मान देने की बात कही है। बता दें कि 17 जुलाई को शीर्ष कोर्ट ने 4 दिन की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।नवतेज सिंह जौहर, सुनील मेहरा, अमन नाथ, रितू डालमिया और आयशा कपूर ने याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की थी।

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि समाज को पूर्वाग्रहों से मुक्त होना चाहिए. हर बादल में इंद्रधनुष खोजना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इंद्रधनुषी झंडा एलजीबीटी समुदाय का प्रतीक है।सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 को मनमाना बताया है.मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और जस्टिस एएम खानविल्कर ने कहा कि समान लिंग वाले लोगों के बीच रिश्ता बनाना अब धारा 377 के तहत नहीं आएगा।बेंच ने माना कि समलैंगिकता अब अपराध नहीं। लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी। समलैंगिक लोगों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है

गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस रोहिंटन नरीमन, एएम खानविल्कर, डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की संवैधानिक पीठ इस मामले पर फ़ैसला किया।

करण जौहर ने की फैसले की तारीफ वालीवुड के करण जौहर ने इंस्टा पर LGBT कम्यूनिटी के झंडे के साथ finally! मैसेज लिखी हुई फोटो पोस्ट की है। कैप्शन में लिखा- ”ऐतिहासिक फैसला। आज मुझे गर्व महसूस हो रहा है। समलैंगिकता को अपराध मुक्त करना और धारा 377 को खत्म करना मानवता के लिए बड़ी जीत है। देश को उसकी ऑक्सीजन वापस मिली।”