शिर्डी के साईं बाबा की मूर्ति के पीछे है एक ऐसा रहस्य, जो बहुत कम लोग जानते हैं

शिर्डी के साईं बाबा की मूर्ति के पीछे है एक ऐसा रहस्य, जो बहुत कम लोग जानते हैं
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साईं बाबा की पूजा पुरे दुनिया में बड़ी आस्था और विश्वास के साथ उनके भक्त करतें हैं। आप जानतें होंगे की शिर्डी के संत साईं बाबा को गुरू का दर्जा का प्राप्त है इसलिए साईं मंदिर में गुरूवार को बड़ी संख्या में श्रद्घालु बाबा के दर्शनों के लिए आते हैं। शिर्डी में हर दिन हजारों की संख्या में भक्त बाबा का दर्शन करने आते हैं। लेकिन आप को जानकर हैरानी होगी आज के इस समय में भी शिर्डी और बाबा के भक्तों के साथ चमत्कार होता रहता है।

कहा जाता है की साईं अपने भक्तों के दुख में खुद ही चले आतें हैं और उनकी सारी तकलीफों को दूर कर देते हैं। लेकिन आप जानतें हैं की शिर्डी के साईं मंदिर में जो साईं बाबा की प्रतिमा है उसमें एक रहस्य जुड़ा हुआ है। साईं बाबा की महासामधि के बुट्टी वाडा में उनकी तस्वीर रखकर उनकी पूजा होती थी। इससे पहले साल 1954 तक इसी तरह साईं बाब की पूजा होती थी। लेकिन एक दिन मुंबई के बंदरगाह पर इटली से मार्बल आया लेकिन उसे किसने भेजा और क्यों भेजा इस बात का आज तक पता नही चला। यह भी

इटली से आई इस मार्बल को साईं संस्थान ने बाबा की मूर्ति बनाने के लिए ले लिए। साईं बाबा की प्रतिमा बनाने की जिम्मेदारी का काम वसंत तालीम नाम के मूर्तिकार को सौंपा गया। लेकिन मूर्तिकार ने जब बाबा मूर्ति बनाने बैठा तो उसने साईं बाबा से प्रार्थना की आप जैसे दिखतें थे मै उसी तरह से आपकी प्रतिमा बना सकू। कहतें हैं की इसके बाद साईं बाबा ने खुद उसे दर्शन दिया और उसके बाद बाबा की यह मनमोहक मूर्ति बनी। इस मूर्ति के दर्शन के लिए आज भी करोड़ो की संख्या में भक्त शिर्डी दर्शन करने आतें हैं। और बाबा की मूर्ति मानो ऐसा प्रतीत होता है की वो स्वयंम हमे देख रहें हैं।