बंगाल पंचायत चुनाव: कई जिलों में हिंसा

बंगाल पंचायत चुनाव: कई जिलों में हिंसा
Sunday, April 8, 2018 - 09:08

कोलकाता ( भाषा ) मई में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए नामांकन के दौरान जारी राजनीतिक हिंसा के बीच कई जिलों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और वामंपंथी पार्टियों , भाजपा और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों के बीच झड़प की घटनाएं हुई।

पुलिस ने बताया कि राज्य में लगभग दो हजार लोग पकड़े गये है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी के नेतृत्व में मुर्शिदाबाद जिले में हुई एक रैली में हमला किया जबकि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच एक झड़प के बाद बीरभूम जिले में बम फेंके गये।

माकपा सूत्रों ने आज बताया कि पुरूलिया के काशीपुर प्रखंड विकास कार्यालय के निकट नौ बार सांसद रहे 75 वर्षीय माकपा नेता बासुदेब आचार्य के साथ कल तृणमूल के कथित समर्थकों ने हाथापाई की।

सूत्रों ने बताया कि माकपा के उम्मीदवार पंचायत चुनावों के लिए बीडीओ आफिस जा रहे थे। आचार्य उनके साथ थे। हमले में घायल हुए आचार्य को पुरूलिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें पेट में अंदरूनी चोट आई है।

तृणमूल ने इस घटना में अपनी किसी भूमिका से इनकार किया है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ( एसईसी ) ए के सिंह ने पत्रकारों को बताया कि राज्य के छह स्थानों पर हिंसा की रिपोर्ट मिली हैं।

चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ एक बैठक में एसईसी ने उन्हें अपना कर्तव्य बिना किसी भय के निभाने के निर्देश दिये।

एक जिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद बीरभूम के मोहम्मद बाजार क्षेत्र में बम फेंके गये।

एडीजीपी ( कानून एवं व्यवस्था ) अनुज शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि अतिरिक्त पुलिस बल बीरभूम रवाना हो गये है।

उन्होंने दावा किया कि झारखंड के लोग तनाव पैदा करने के लिए बीरभूम में घुस गये।

उन्होंने बताया कि झड़प के दौरान एक व्यक्ति विश्वनाथ म्हारा घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शर्मा ने बताया ,‘‘ बीरभूम जिले में पुलिस अधीक्षक ने झारखंड के दुमका जिले में अपने समकक्ष से बात की है। ’’

जब उनसे पूछा गया कि मोहम्मद बाजार झड़प के पीछे किसका हाथ है , तो शर्मा ने मीडिया को एक वीडियो फुटेज दिखाई और कहा ,‘‘ मैं आपको केवल यह ( फुटेज ) दिखा सकता हूं जो हमें मिली है। ’’

फुटेज में देखा जा सकता है कि भीड़ भगवा झंड़े लहरा रही है।

उन्होंने बताया कि पुलिस को जहां से भी किसी अप्रिय घटना की रिपोर्ट मिल रही है वहां कार्रवाई की जा रही है और हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त बल भेजे जा रहे है।

शर्मा ने बताया कि राज्य में पिछले 24 घंटे में छापों के दौरान आठ हथियार , नौ गोलियां और 15 बम बरामद किये गये है।

उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव से संबंधित हिंसा में छह अप्रैल तक 1732 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है , 199 को गिरफ्तार किया गया और 475 के खिलाफ वारंट तामील किये गये।

भाजपा नेता मुकुल रॉय ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए टीएमसी बाहरी लोगों को लाई है।

कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने कहा ,‘‘ विपक्ष को नामांकन पत्र दाखिल नहीं करने दिया जा रहा है। क्या यह स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत है। वे विपक्ष के नामांकन पत्र दाखिल करने से भयभीत क्यों है। ’’

भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी ‘‘ बिना लड़े एक इंच भी नहीं छोड़ेगी। ’’

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने भाजपा पर राज्य में संकट पैदा करने के लिए पड़ोसी राज्यों से ‘‘ बाहरी लोगों को लाने ’’ का आरोप लगाया।

कूचबिहार में पुलिस ने नामाकंन पत्र दाखिल करने को लेकर दो समूहों के बीच हुई झड़प के बाद तृणमूल और भाजपा के कार्यकर्ताओं को तितर - बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।

भाजपा की कूचबिहार जिला इकाई के अध्यक्ष निखिल रंजन ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा उम्मीदवारों पर हमले किये और उन्हें दिन में नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने का प्रयास किया।

हालांकि तृणमूल कांग्रेस के नेता बिनय बर्मन ने इन आरोपों को खारिज किया और भाजपा पर क्षेत्र की शांति भंग करने के प्रयास का आरोप लगाया।