एनजीटी ने फिलहाल चारधाम परियोजना पर लगाई ब्रेक

एनजीटी ने फिलहाल चारधाम परियोजना पर लगाई ब्रेक
Published Date:

दिल्ली (ब्यूरो ) : उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री व यमुनोत्री को मिलाने वाली चारधाम परियोजना को अलग-अलग टुकड़ों में बांटकर किया जा रहा काम फिलहाल रुका रहेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय व अन्य पक्षों से कहा है कि वह अगली सुनवाई तक स्पष्ट जवाब दाखिल करें। जस्टिस जावद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिटिजन फॉर ग्रीन दून की याचिका पर यह आदेश दिया है। एनजीटी में यह याचिका सुशीला भंडारी, उमा जोशी, केशर सिंह पवार, नरेंद्र पोखरियाल, दीपक चंद रमोला, स्वामी संविदानंद की ओर से दाखिल की गई है।

सुनवाई के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उनकी ओर से पेड़ काटने के लिए वन मंजूरी ली गई है लेकिन बाद में अधिवक्ता अपने बयान से मुकरने लगे। पीठ ने कहा कि वे 20 मार्च तक का समय देते हैं इस दौरान वे अपना स्पष्ट जवाब दाखिल करें। वहीं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया।

याचियों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर तो चारधाम परियोजना के कामकाज का बोर्ड लगा है लेकिन परियोजना निर्माण मंजूरी वाले कागजों में ऐसा कुछ नहीं है।