दो माह में ढही शौचालय की दीवार,उजागर हुई गुणवत्ता की हकीकत

दो माह में ढही शौचालय की दीवार,उजागर हुई गुणवत्ता की हकीकत
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एक तरफ भारत सरकार स्वच्छता अभियान की अलख पूरे देश मे जगा रही है और देश को खुले में शौच मुक्त करने की कोशिश कर रही है और दूसरी तरफ सरकार के अधिकारी और कर्मचारी सरकार की इस मंशा पर पानी फेर रहे हैं।
यहां कुशीनगर जनपद का एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें शौचालय निर्माण के हकीकत की कलई खुल गयी है। यह मामला कुशीनगर जनपद में विशुनपुरा ब्लॉक के खजुरिया गाँव का है जहाँ एक प्राथमिक विद्यालय पर शौचालय निर्माण को दो महीने ही हुए थे और उसकी दीवाल भरभरा कर गिर पड़ी जिससे शौचालय निर्माण में प्रयोग हुए घटिया सामानों और इसके गुणवत्ता की पोल खुल गयी है।
मालूम हो कि विशुनपुरा ब्लॉक के खजुरिया गांव में प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने स्वच्छता अभियान के तहत अवमुक्त हुए धन से शौचालय निर्माण कराया था लेकिन उस शौचालय निर्माण के गुणवत्ता की पोल तब खुल गयी जब शौचालय की दीवाल कल भरभरा कर गिर गयी। वहां के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इस गांव के विभिन्न टोलों पर पांच सरकारी विद्यालय संचालित होते हैं और उन विद्यालयों में अबतक लगभग 28 शौचालयों का निर्माण हो चुका है लेकिन उन सभी शौचालयों में से एक भी प्रयोग के लायक नहीं है उन्होंने बताया कि हर वर्ष यहां एक नए शौचालय का निर्माण होता है लेकिन वह कुछ ही दिनों में भरभरा कर गिर जाता है।

इस बारे में प्रभारी प्रधानाध्यापक का कहना है कि शौचालय का निर्माण तो बजट के अनुसार ही कराया गया है। इस मामले में जब बीडीओ विशुनपुरा रघुनाथ सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सूचना मिली है मौके पर एडीओ पंचायत को भेजा गया है मामले कि जांच करा कर दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाएगी।