SC-ST एक्ट के मुद्दे पर दलित एएसपी ने राष्ट्रपति को भेजा इस्तीफ़ा

SC-ST एक्ट के मुद्दे पर दलित एएसपी ने राष्ट्रपति को भेजा इस्तीफ़ा
Published Date:

लखनऊ : पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ में तैनात दलित अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) डॉ.बीपी अशोक ने इस्तीफा दे दिया है।उन्होंने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर भेजकर दलित सियासत को और गरम कर दिया है।यह इस्तीफा सशर्त है लिहाजा जानकार इसे सियासी पैंतरेबाजी मान रहे हैं।बीपी अशोक बसपा सरकार के करीबी अधिकारी रहे हैं।
डॉ.अशोक ने राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में 7 मांगें उठाई हैं और कहा है कि इन मांगों को माना जाए या मेरा त्यागपत्र/स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का प्रार्थना पत्र स्वीकार किया जाए।विभाग के जानकार बताते हैं कि ऐसे इस्तीफे मान्य नहीं होते हैं और यह वैसे भी सशर्त दिया गया है।डॉ.अशोक ने आवश्यक कार्यवाही के लिए अपने पत्र की प्रति डीजीपी को भी भेजी है। 

इस पत्र में कहा गया है कि भारत में वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं,जिनके कारण मुझे हृदय से भारी आघात पहुंचा है। कुछ बिन्दुओं को आपके संज्ञान में लाकर मैं अपने जीवन का बहुत कठोर निर्णय ले रहा हूं।उन्होंने पूरे देश के आक्रोशित युवाओं से शांति की अपील के साथ अपना पत्र राष्ट्रपति को भेजा है।

एएसपी बीपी अशोक को बसपा सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती मिलती रही है।पुलिस महकमे में उन्हें बहुजन समाज पार्टी का करीबी माना जाता है। उनके पिता पूर्व आईपीएस देवी सिंह अशोक भी दलित मूवमेंट से जुड़े होने के कारण कांशीराम और मायावती के खासे करीबी अधिकारियों में माने जाते थे।