नोटबंदी के बाद 20 लाख से ज्यादा जमा करने वालाें को I-T डिपार्टमेंट का नोटिस, पूछा- कहां से आया पैसा

नोटबंदी के बाद 20 लाख से ज्यादा जमा करने वालाें को I-T डिपार्टमेंट का नोटिस, पूछा- कहां से आया पैसा
Published Date:

नई दिल्‍ली. इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट (I-T) ने लगभग 2 लाख अकांउट होल्‍डर्स को नोटिस जारी किया है। इसमें इन लोगांे से पूछा गया है कि नोटबंदी के बाद इनके अकाउंट में 20 लाख रुपए से ज्यादा डिपॉजिट किए गए, इसका सोर्स बताया जाए। बता दें कि जिन लाेगों को नोटिस जारी किए गए हैं, इन्होंने इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल नहीं किया है। इसके अलावा डिपार्टमेंट ने पिछले साल भी 18 लाख लोगों को नोटिस जारी किया था।

1.10 करोड़ बैंक अकाउंट में जमा हुए 2 लाख से अधिक
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नोटबंदी के दौरान 1.10 करोड़ बैंक अकाउंट में 2 लाख रुपए से अधिक रकम जमा की गई।
- 2017 में इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने नोटबंदी के बाद 18 लाख लोगों को नोटिस जारी कर अपने कैश ट्रांजेक्‍शन पर स्‍पष्‍टीकरण देने को कहा था।
- इनकम टैक्‍स विभाग के अनुसार उनका कैश ट्रांजेक्‍शन उनकी इनकम प्रोफाइल के मुताबिक नहीं था। इनको इनकम टैक्‍स नोटिस से बचने के लिए 10 दिन में जवाब देने को कहा गया था।

क्या हैं ITR फाइलिंग के रूल्स
- आईटी एक्‍ट के तहत सालाना 2.5 लाख रुपए से अधिक इनकम वालों को इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करना जरूरी है। अगर कोई रिटर्न फाइल नहीं करता है तो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट नोटिस जारी कर पूछताछ कर सकता है।
- डिपार्टमेंट पूछ सकता है कि आपकी इनकम कितनी है और आप रिटर्न फाइल क्‍यों नहीं कर रहे हैं।
- अगर इनकम टैक्‍स विभाग को पता चलता है कि किसी व्‍यक्ति की इनकम टैक्‍सेबल है और वह रिटर्न फाइल नहीं कर रहा है तो उससे टैक्‍स के साथ पेनल्‍टी वसूल की जा सकती है।
- डिपार्टमेंट उस व्‍यक्ति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा सकता है। जिसके तहत अधिकतम 2 साल की सजा हो सकती है।
- वहीं अगर किसी टैक्‍सपेयर्स पर 25 लाख रुपए से अधिक की टैक्‍स चोरी का मामला साबित होता है। ऐसे में उसे अधिकतम 7 साल की सजा भी हो सकती है।

रिटर्न फाइल करने वालों की संख्‍या 29% बढ़ी
- फाइनेंस मिनिस्‍ट्री के अनुसार नोटबंदी की वजह से इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्‍या वित्‍त वर्ष 2016-17 में 29% बढ़कर 8.55 करोड़ हो गई है। - इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार 2015-16 में टैक्‍सपेयर्स की संख्‍या 5.93 करोड़ थी।