आरक्षण के विरोध में भारत बंद का दिखा असर, शांतिपूर्ण रहा आंदोलन

आरक्षण के विरोध में भारत बंद का दिखा असर, शांतिपूर्ण रहा आंदोलन
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लखनऊ : 2 अप्रैल को दलितों के भारत बंद के बाद शुरू हुए अफवाहों का दौर ने आखिरकार मूर्त रूप ले ही लिया और 10 अप्रैल को आरक्षण के विरोध में भारत बंद का असर हर जगहों पर लगभग देखने को मिला है। आरक्षण के विरोध में भारत बंद करने के लिए आज गोरखपुर में भी भारी संख्या में सामान्य और ओबीसी वर्ग के लोग सड़कों पर उतर गए थे, लगभग 5 हजार से ऊपर की संख्या में सड़कों पर उतरे लोगों में आरक्षण के प्रति कूट कूट कर गुस्सा भरा हुआ था और सभी आरक्षण के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इतनी बड़ी संख्या एक जगह सड़कों पर उतरने के बावजूद भी कहीं से किसी भी अनहोनी की सूचना नहीं है ।

क्योंकि ये बन्द कराने से पहले यह सूचना सबको दे दी गयी थी कि यह बन्दी एक शांतिप्रिय तरीके से करनी है , और हमे अपनी बात सरकार तक अहिंसात्मक तरीक़े से पँहुचानी है । इस दौरान इस बन्द में सबसे ज्यादा सहभागिता युवाओं की रही उन युवा इस बन्दी के दौरान शांतिप्रिय तरीके से महानगर में दुकानदारों और नागरिकों से इस बन्दी को सफल करने की गुजारिश करते नजर आये । बता दें कि इससे पहले 2 अप्रैल को दलितों के द्वारा हुए भारत बंद में देश के कई शहर सुलग उठे थे बहुत से लोग मारे गए थे कि घायल हुए थे ।

लेकिन आज 10 अप्रैल की इस बन्दी के दौरान इस तरह कोई घटना सामने नहीं आयी है और यह बन्द पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से लगभग सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ है।
इस दौरान गोरखपुर में 10 अप्रैल भारत बंद का मोर्चा सम्भाले गोरखपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्र नेता श्याम सिंह और अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि आरक्षण के खिलाफ खड़े हुए इस आंदोलन को यहीं रुकने नहीं दिया जायेगा इसे अंजाम तक पँहुचाना हम सबका लक्ष्य है और आरक्षण को खत्म कराना हम सबका उद्देश्य है।