स्वच्छता अभियान के बीच दम तोड़ रही जिंदगी ,5 साल में 877 सफाई कर्मचारियों की मौत

स्वच्छता अभियान के बीच दम तोड़ रही जिंदगी ,5 साल में 877 सफाई कर्मचारियों की मौत
Published Date:

नई दिल्ली : स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने की कोशिश में हर साल करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। लेकिन इस अभियान में दिन रात एक करने वाले सफाई कर्मचारियों की सुध नहीं ली जा रही है। बीमारियों से ग्रस्त होकर वह काल के गर्भ में समा रहे हैं। दरअसल, दक्षिणी नगर निगम में 48 घंटे में एक सफाई कर्मी की मौत होती है।

ये आंकड़े हम नहीं बल्कि निगम ने ही जारी किए हैं। निगम के मुताबिक बीते पांच साल में उसके 877 सफाई कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है। हालांकि, इतनी संख्या में कर्मचारियों की मौत का कारण बताने की स्थिति में निगम नहीं है। लगातार हो रही मौतों के बाद भी निगम सजग नहीं है। उसने अब तक इनके कारणों की जांच नहीं करवाई है। इतना ही नहीं, नगर निगम ने सफाई कर्मचारियों के रूटीन स्वास्थ्य की जांच कराने की भी पहल नहीं की है। कर्मचारियों को धूल से बचाने के लिए मास्क भी नहीं दिए जा रहे है। जबकि कई बार सदन की बैठक में पार्षद यह मुद्दा उठा चुके है।

कांग्रेस पार्षद ने पूछे थे सवाल
एक पार्षद द्वारा पूछे गए सवाल के बाद दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने कर्मचारियों की मृत्यु संबंधी आंकड़े उपलब्ध करवाए हैं। कांग्रेस पार्षद दल के नेता अभिषेक दत्त ने जनवरी माह में सदन की बैठक में कई प्रश्न पूछे थे। जिनका हाल ही में उत्तर दिया गया है। सबसे चौंकाने वाला उत्तर सफाई कर्मचारियों की मृत्यु संबंधी आंकड़ों से जुड़ा है। बता दें कि दक्षिणी निगम में कुल 20,930 सफाई कर्मी तैनात हैं।
सफाई कर्मचारियों का ब्योरा

जोन कुल कर्मचारी मौतें (5 साल में)
मध्य 5377 430
पश्चिम 4232 200
दक्षिण 5120 178
नजफगढ़ 6222 069