मंगल का मकर राशि में गोचर जानिये किस राशि के लिए मंगल दायीं

मंगल का मकर राशि में गोचर जानिये किस राशि के लिए मंगल दायीं
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वैदिक ज्योतिष और पुराणों में मंगल ग्रह की पूजा की बड़ी महिमा बताई गई है। मंगल की उपासना और पाठ करने से ऋण से मुक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को अशुभ ग्रह माना गया है हालांकि ये प्रसन्न होकर मनुष्य की हर प्रकार की इच्छा पूर्ण करते हैं। मंगल ग्रह की शांति के लिए शिव उपासना और मूंगा रत्न धारण करने का विधान है। मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगलवार का व्रत और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। मंगल की महादशा 7 वर्ष तक रहती है। यह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। मकर राशि में इन्हें उच्च प्रभाव देने वाला माना गया है।

● मेष ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में दसवें भाव में रहेगा। अत: आपको शुभ समाचार मिलेंगे। आपके व्यावापर व्यवसाय में विस्तार होगा। यदि कोई जमीनी विवाद है तो वह दूर होगा। कोई नया काम शुरू करना चाह रहे हैं तो उसके लिए भी समय मददगार होगा।

● वृषभ ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में नौवें भाव में रहेगा। सुदूर स्थलों तक की गई लम्बी यात्राएं सफल होंगी। धर्म-कर्म की ओर मन आकृष्ट होगा। जीवनसाथी के प्रगतिशील होने के भी योग हैं। यदि आपने काम का सम्बन्ध विदेश से है तो समय और भी अनुकूल रहेगा।

● मिथुन ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में आठवें भाव में रहेगा। हालांकि यह गोचर स्वास्थ्य के लिए कम अनुकूल है अतः आपको अपने स्वास्थ्य का खयाल रखना ज़रूरी होगा लेकिन कई मामलों में लाभ का प्रतिशत बढ़ सकता है। धन, वाणी व परिवार का ख्याल रखें।

● कर्क ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में सातवें भाव में रहेगा। मंगल की यह स्थिति मिश्रित परिणाम देगी काम धंधे और संतान के लिए काफी अनुकूल परिणाम मिलेंगे। प्रेम संबंधों के लिए भी समय अच्छा है, लेकिन यदि विवाहित हैं तो आपसी लड़ाई झगड़े से बचना होगा।

● सिंह●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में छठवें भाव में रहेगा। इस अवधि में दूर की यात्राओं के दौरान कुछ कठिनाई रह सकती है। घरेलू जीवन व वैवाहिक जीवन में भी कुछ असंतोष रह सकता है, लेकिन ऐसे काम जिनमे कम्पटीशन हो उसके लिए समय काफी अनुकूल है।

● कन्या ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में पांचवें भाव में रहेगा। इस अवधि में कम दूरी की कई यात्राएं करनी पड़ सकती है लेकिन दूर की यात्राओं से बचना बेहतर रहेगा। भाई बंधु मददगार होंगे। इस समय प्रेम प्रसंगों में मर्यादा रखें। संतान के स्वास्थ्य का भी ख़याल रखें।

● तुला ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में चौथे भाव में रहेगा। यह ग्रह परिवर्तन
पके लिए शुभ है। आर्थिक मामलों में बेहतरी आने के योग हैं लेकिन वाणी में आ रहे आक्रोश व घरेलू विसंगतियों को रोकने की कोशिश करें। काम धंधे व जीवन साथी के उत्थान के योग बन रहे हैं।

● वृश्चिक ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में तीसरे भाव में रहेगा। स्वाभाविक है आपको अच्छे फल मिलेंगे। आपका उत्साह बेहतर होगा। भाई बंधु मददगार होंगे। मान-सम्मान बढ़ने के भी योग हैं लेकिन कुछ मित्र नाराज हो सकते हैं अथवा कोई विरोधी मित्र बनने का प्रयास करेगा।

● धनु ●
मंगल का गोचर आपकी कुंडली में दूसरे भाव में रहेगा। कुछ खर्चे अचानक सामने आ सकते हैं। इस समय वाणी पर भी बड़ा संयम रखना होगा। परिवार के सदस्यों के कारण भी तनाव सम्भव है। मामला प्रेम सम्बन्ध का हो या पुत्र सम्बन्ध का दोनों रिश्तों को प्यार से निभाएं।

● मकर ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में प्रथम भाव में रहेगा। ऐसे में यदि आपने स्वास्थ्य और क्रोध को साध लिया तो बाकी सब ठीक रहेगा। वाहन भी सावधानी से चलाएं। बाकी आपकी मान प्रतिष्ठा बढ़ेगी साथ ही भूमि या भवन खरीदने के योग बनेंगे। साझेदारी के काम में लाभ होगा।

● कुंभ ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में बारहवें भाव में रहेगा। अत: इस अवधि में सावधानी की ज़रूरत रहेगी। बेकार के खर्चे रह सकते हैं। इस समय आत्मनिर्भर रहना बहुत ज़रूरी होगा। हालांकि यदि आपका काम विदेश से सम्बंधित है तो उसमें लाभ मिलेगा। छोटी यात्राएँ भी संभावित हैं।

● मीन ●

मंगल का गोचर आपकी कुंडली में ग्यारहवें भाव में रहेगा। अतः आर्थिक मामलों में मजबूती आएगी। मित्रों और सहयोगियों से लाभ मिलेगा। भाग्य साथ देगा। बहु प्रतीक्षित इच्छाओं की पूर्ति होगी। दूर की यात्राएँ भाग्यशाली सिद्ध होंगी। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा।