हिंसक हुआ दलितों का प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस व किया लाठीचार्ज

हिंसक हुआ दलितों का प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस व किया लाठीचार्ज
Monday, April 2, 2018 - 16:46

एससी/ एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में आयोजित भारत बंद हरियाणा में भी हिंसक हो गया। कैथल में बंद समर्थकों ने पुलिस पर हमला बोल दिया। जींद के नरवाना में पुलिस वाहनों के शीशे तोड़ दिए। पूरा जीटी रोड थम गया है। जगह-जगह वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। यमुनानगर में बस स्टैंड जगाधरी चौक पर जाम लगा रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। पत्थर लगने से एक कॉस्टेबल भी घायल हो गया। हिसार में भी दलितों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ की।

जींद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस फ़ोर्स को लेकर गई रोडवेज बस के झांझ गेट पर शीशे तोड़ दिए। असंध में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

कैथल में दोपहर लगभग बारह बजे भीड़ अनियंत्रित हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और रेलवे लाइन पर जमा हो गए। लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसमें कई लोगों को चोटें हैं। दलित समाज के लोगों ने जींद से कुरुक्षेत्र जा रही ट्रेन को रोक दिया और इंजन से तोड़फोड़ की।

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करनाल रोड पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को भगा-भगाकर पीटा। सूचनाओं के अनुसार पुलिस वाले हाथ जोड़कर भीड़ से जान बचाकर निकल गए। वहीं 50 से अधिक पुलिस वाले घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने मीडियाकर्मियों पर भी हमला किया। पथराव में दैनिक जागरण के पत्रकार और फोटोग्राफर भी घायल हो गए।पत्रकारों से भी झड़प हो गई और उनके कैमरे छीन लिए गए। प्रदर्शनकारी उन्हें हिंसा की कवरेज से रोक रहे थे। प्रदर्शनकारियों द्वारा घरों में घुसकर सीसीटीवी कैमरे व अन्य सामान से तोड़ फोड़ की गई, एक कार क्षतिग्रस्त की गई। रेलवे लाइन पर पुलिस पर पथराव किया गया। पुलिस ने आंसू गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर रेलवे इंजन खराब कर दिया।

हिसार, अंबाला, पानीपत, चरखी दादरी, जींद, रोहतक आदि शहरों में दलित समुदाय के लोग सुबह से ही एकत्र होने शुरू हो गए थे। समुदाय के लोग अनाउंसमेंट कर बाजार बंद करने की अपील कर रहे थे। हालांकि इसका अधिकांश जगहों पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला

चरखी दादरी में बाजार बंद करवाते दलित समुदाय के लोग।

समुदाय के सदस्य कह रहे हैं कि अगर दुकानें बंद नहीं की तो तोड़फोड़ नुकसान की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। चरखी दादरी में भीम सेना वालों ने जबरदस्ती दुकान बंद करवाने व् सामान फेंकने का किया। टोहाना में अनुसूचित सर्वजाति समाज द्वारा अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन किया जा रहा है।

वहीं, बंद करने वालों से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। गत देर रात से ही पुलिस गश्त कर रही है। पुलिस को आशंका है कि यदि दलित समाज के लोगों ने उग्रता दिखाई तो सामान्य वर्ग के लोग भी सड़कों पर उतर सकते हैं। इसके मद्देनजर पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रही है।

कुरुक्षेत्र में दलित समाज के लोग बाजारों में घूमकर दुकानों को जबरन बंद करा रहे थे। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़क पर निकल गए। शहर का मुख्य गुलजारी लाल नंदा मार्ग पूरी तरह जाम है। दलित समाज के लोग प्रदर्शन करते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय की तरफ जा रहे हैं।

यमुनानगर में सुबह से ही लोग सड़कों पर आ गए। पानीपत में लोगों को समझाने पहुंचे एसपी राहुल शर्मा को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस नेता पूनम राजरानी भी जीटी रोड जमा लगा रहे लोगों को समझाने में जुटी हुई थीं।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।