वन विभाग का वो अफसर जिसकी जांच ने सलमान खान को सलाखों के पीछे पहुंचाया : ललित बोड़ा

वन विभाग का वो अफसर जिसकी जांच ने सलमान खान को सलाखों के पीछे पहुंचाया : ललित बोड़ा
Friday, April 6, 2018 - 18:15

जोधपुर : बीस साल पुराने काले हिरण के शिकार मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। कोर्ट से मिली 5 साल की सजा में फिलहाल सलमान खान को राहत नहीं मिली है और उन्हें अपनी दूसरी रात भी जेल के बिस्तर पर ही सोकर गुजारनी होगी। 1998 के इस केस को अपनी मंजिल तक पहुंचाने में वन विभाग के उस अधिकारी का बहुत बड़ा योगदान है, जिन्होंने इस केस की जांच की। वन विभाग में उस समय एसीएफ के पद पर तैनात ललित बोड़ा को राजनीतिक दबाव से लेकर अभद्र व्यवहार तक झेलना पड़ा था।

जिप्सी बरामद कर, गवाह तक पहुंचे
मामला दर्ज होने के बाद सात अक्टूबर 1998 को वन विभाग के तत्कालीन डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) एमएल सोनल ने सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) ललित बोड़ा को इस केस की जांच सौंपी। जांच अधिकारी बनने के बाद ललित बोड़ा ने सबसे पहले शिकार में इस्तेमाल हुई जिप्सी को बरामद किया। जिप्सी बरामद करने के बाद ललित बोड़ा ड्राइवर हरीश दुलानी तक पहुंचे, जो इस केस में एक अहम गवाह थे। इसके बाद गवाह से पूछताछ शुरू हुई।

वन विभाग के पास थी जांच, दबाव के बाद पुलिस में केस दर्ज कराए

अभिनेतासलमान खान के खिलाफ घोड़ा फार्म हाउस और भवाद हिरण शिकार मामले के तत्कालीन जांच अधिकारी वन विभाग के एसीएफ ललित बोड़ा ने अहम खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कांकाणी में काले हिरण के शिकार का मामला सामने आने के बाद 7 अक्टूबर 1998 को तत्कालीन डीएफओ एमएल सोनल ने उन्हें जांच अधिकारी नियुक्त किया था। जांच के दौरान एक दवा व्यवसायी अरुण यादव के प्रतापनगर स्थित घर से शिकार में प्रयुक्त जिप्सी बरामद की गई थी। उस समय जिप्सी का हुड ढका हुआ था। इसके ड्राइवर हरीश दुलानी को वन विभाग के ऑफिस में बुलाकर पूछताछ शुरू की थी।
बोड़ा के अनुसार उन्होंने दुलानी से पूछा कि क्या और भी जगह शिकार हुआ है? जवाब में हरीश ने बताया कि 26 -28 सितंबर 1998 को सलमान और उसके साथियों ने भवाद घोड़ा फार्म हाउस में हिरण का शिकार किया था। इस आधार पर दोनों ही मामलों की अलग से जांच शुरू की गई, तब तक काफी बवाल खड़ा हो गया था। जोधपुर शहर में कुछ लोग सलमान के पक्ष में रैली निकाल रहे थे। दूसरी ओर, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कहा था। बोड़ा ने बताया कि वे एक साथ तीन मामलों की जांच कर रहे थे।

सवालों से गुस्साए सलमान ने फेंक दी कुर्सी

ललित बोड़ा के साथ पूछताछ में हरीश दुलानी ने यह माना कि हिरण का शिकार सलमान खान और उनके साथियों ने ही किया है। हालांकि बाद में हरीश दुलानी की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर वन विभाग को सलमान खान की चार दिन की रिमांड सौंपी गई। रिमांड के दौरान ललित बोड़ा ने सलमान से बेहद सख्ती के साथ पूछताछ की। पूछताछ से सलमान खान बेहद गुस्से में आ गए और उन्होंने कुर्सी उठाकर फेंक दी। हालांकि ललित बोड़ा ने इस बात को दबा दिया।

अयोग्य अफसर होने का आरोप भी झेला

रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में सलमान खान के वकील ने ललित बोड़ा पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके मुवक्किल को रिमांड पर लेने से पहले कानूनी प्रक्रिया का ठीक तरह पालन नहीं किया। सलमान के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि ललित बोड़ा ने फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में हाथ से बदलाव किए हैं। कोर्ट के अंदर ही वकील ने ललित बोड़ा के बारे में कहा कि इस मामले में वन विभाग ने एक अयोग्य अधिकारी के हाथों में केस की जांच सौंप दी।

अब प्राइवेट नौकरी में हैं ललित

जैसे-जैसे केस की जांच आगे बढ़ती गई, मामले में केस से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने और राजनीतिक दबाव में जांच प्रभावित करने के भी आरोप लगे। हालांकि ललित बोड़ा की जांच ने इस केस को उसकी मंजिल तक पहुंचा दिया। अब ललित बोड़ा वन विभाग में नहीं हैं। वन विभाग की नौकरी छोड़कर ललित अब प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। सलमान खान शनिवार को एक बार फिर अपनी जमानत के लिए जोधपुर सत्र न्यायालय में जाएंगे, लेकिन तब तक उन्हें जेल की चारदीवारी में ही रहना होगा।