यहां 100 रुपये में बिक रहा है नोटबंदी में बंद हो चुका 1000 रुपये का नोट

यहां 100 रुपये में बिक रहा है नोटबंदी में बंद हो चुका 1000 रुपये का नोट
Thursday, March 29, 2018 - 13:14

महराजगंज, [विश्वदीपक त्रिपाठी]। भारत में बंद हो चुके 1000 व 500 के पुराने नोटों को पड़ोसी देश नेपाल में इकट्ठा किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित इन नोटों को सीमा पर सक्रिय दलालों के माध्यम से पड़ोसी देश में पहुंचाया जा रहा है। दोनों देशों के बीच बंद हो चुके नोटों को वापस लौटाने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है। इसका फायदा उठाने के लिए कुछ लोग 1000 रुपये के बंद हो चुके नोट को 100-100 रुपये में खरीद रहे हैं। ऐसे में लोगों को नेपाल के माध्यम से काला धन सफेद होने की उम्मीद दिख रही है। हाल के दिनों में बस्ती जिले में भारत में प्रचलन से दूर एक हजार व पांच सौ रुपये के 1.11 करोड़ पुलिस ने बरामद किए थे।

पड़ोसी देश नेपाल तक इन प्रतिबंधित नोटों को ले जाने के लिए नेपाल बार्डर पर मनी एक्सचेंजरों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इनके द्वारा कैरियरों के माध्यम से पुराने नोटों को भारत से सीमा पार मंगाया जा रहा है। इस खेल में नेपाल में बैंकिंग व्यवसाय से जुड़े कुछ अधिकारी व कर्मचारियों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। खुली सीमा व दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक व सामाजिक संबंधों के चलते नेपाल की वित्तीय प्रणाली में भारतीय रुपये चलन में हैं। 22 मार्च को बस्ती में प्रतिबंधित नोटों के साथ पकड़े गए तस्करों से हुई पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। सोनौली के साथ ही नेपाल से जुड़े ग्रामीण रास्तों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

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नेपाल के बैंकों में जमा हैं रुपये

भारत में आठ नवंबर 2016 को हुई नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया व नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) के फारेन एक्सचेंज विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में नेपाल के बैंकों में जमा हुए 500 और 1000 के भारतीय नोटों को बदलने को लेकर चर्चा हुई थी। लेकिन नेपाल के ढाई हजार व्यवसायिक बैंकों, विकास बैंक व माइक्रो क्रेडिट डेवलपेंट बैंकों में जमा हुए धन को भारत से बदलने की प्रकिया को अभी अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है। इसका लाभ नेपाल के मनी एक्सचेंजर वहां के बैंक कर्मियों के साथ मिल कर उठा रहे हैं।

जाली नोट बनी समस्या

नेपाल में जमा प्रतिबंधित नोटों को भारत से बदलने में एक समस्या नेपाल में व्यापक पैमाने पर चलने वाले जाली नोट भी हैं। रिजर्व बैंक के अधिकारियों की मानें नेपाल से आने वाले रुपयों में पता लगाना बड़ा मुश्किल है कि कौन से नोट सही हैं और कौन नकली।

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आम जन के पास भी हैं प्रतिबंधित नोट

नेपाल से बड़ी संख्या में लोग भारत आकर नौकरी व व्यवसाय करते हैं। भारतीय सेना का अहम हिस्सा गोरखा रेजीमेंट के अधिकांश जवान नेपाल से जुड़े हैं। नेपाल में रह रहे लगभग 90 हजार पूर्व गोरखा सैनिकों को पेंशन भी भारत सरकार द्वारा दी जाती है। नेपाल सरकार से वहां के नागरिकों को 25 हजार भारतीय रुपये रखने की छूट दी गई है। ऐसे में एनआरबी के अधिकारी चाहते हैं कि भारत सरकार प्रति नागरिक 25 हजार रुपये तक पुराने नोटों को वापस करे।

महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह कहते हैं, प्रतिबंधित नोटों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। सोनौली, ठूठीबारी सहित ग्रामीण मार्गों पर भी विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जांच पड़ताल के बाद ही लोगों को सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है।

प्रतिबंधित नोटों को रखने की अनुमति नहीं

नेपाल में रुपनदेही के डीएसपी दिल्ली नारायण पांडेय ने बताया, भारत में नोटबंदी के बाद से ही विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जांच पड़ताल के बाद ही लोगों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। सीमा पर सक्रिय मनी एक्सचेंजरों पर विशेष नजर है। किसी को भी प्रतिबंधित नोटों को रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि इस तरह का मामला संज्ञान में आया तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

बस्ती में करेंसी के साथ पकड़े गए थे नेपाली व भारतीय

हाल के दिनों में बस्ती की क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में बस्ती पुलिस ने पांच सौ और एक हजार की 1.11 करोड़ रुपये के साथ लक्जरी वाहन के साथ पांच लोगों को पकड़ा गया। इनमें से दो आजमगढ़ के रहने वाले और बाकी तीन नेपाली थे। बस्ती के पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार को जानकारी हुई कि प्रचलन से बाहर हो चुके हजार और पांच सौ के पुराने नोट नेपाल ले जाकर चलाने की योजना कुछ लोग बना रहे हैं। पुलिस ने उन्हें पुरानी करेंसी के साथ रंगे हाथ दबोचने के लिए जाल बिछाया।