मांडल - नसीराबाद के बीच पहली बार दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन

मांडल - नसीराबाद के बीच पहली बार दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन
Wednesday, March 28, 2018 - 23:52

जयपुर/अजमेर 【 अभिषेक शर्मा 】320.18 करोड़ रूपये की लागत से 294.50 किलोमीटर लंबे अजमेर उदयपुर रेलखंड के विद्युतीकरण के अन्तर्गत अजमेर –चित्तौड़गढ़ खंड पर डेट से अजमेर स्टेशन के बीच रेल मार्ग के विद्युतिकरण का कार्य कर पूरा कर लिया गया है ।

175 किलोमीटर लंबे डेट –अजमेर खंड के विद्युतीकृत रेल मार्ग का निरीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त, पश्चिम क्षेत्र, मुम्बई श्री सुशील चंद्रा द्वारा किया गया । जिसके अन्तर्गत मांडल से नसीराबाद के बीच लगभग 100 किलोमीटर लम्बे मार्ग का स्पीड ट्रायल भी हुआ जिसके अंतर्गत 100 किलोमीटर प्रति घन्टा की रफ़्तार से रेल इंजन दौडा आज इस मार्ग पर पहली बार रेल इंजन चलाया गया । इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री पुनीत चावला सहित मंडल व मुख्यालय के अनेक अधिकारी उपस्थित थे ।
निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त, पश्चिमक्षेत्र, मुम्बई श्री सुशील चंद्रा ने विद्युतीकृत मार्ग का गहन निरीक्षण किया व अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री तरुण जैन ने बताया वर्ष 2018-19 के लिए 3157 किलोमीटर लम्बे रेल मार्ग विद्युतीकरण के लिए ₹3120 करोड़ की घोषणा की गई है अजमेर से उदयपुर के सम्पूर्ण खण्ड के विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है एवं यह कार्य दिसम्बर 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। श्री जैन ने बताया कि अजमेर- उदयपुर मार्ग के पूर्ण रूप से विद्युतिकरण हो जाने पर इस मार्ग पर यात्री तथा माल परिवहन तेज गति से बढ़ेगा । डीजल इंजन नहीं होने से धुंए से वातावरण प्रदूषित नही होगा । ट्रेक की क्षमता बढ़ेगी। ऊर्जा संरक्षण होता है । रेल विद्युतीकरण के फलस्वरूप डीजल के खपत की बचत होगी । भारी माल गाडि़यों और लम्बी गाडि़यों का वहन संभव होगा ।