हाई वोल्टेज उपवास पर भारी पड़ा कैंडल मार्च

हाई वोल्टेज उपवास पर भारी पड़ा कैंडल मार्च
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नई दिल्ली : संसद का सत्र न चलने देने के विपक्ष के अड़ियल रुख से देश को परिचित कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित तमाम केन्द्रीय मंत्री और सांसदो द्वारा गत दिवस दिन भर सम्पूर्ण देश में किये गये हाई वोल्टेज "उपवास "की मिश्रित सफलता से उत्साही भाजपाई अभी नींद भी नहीं ले पाये कि कांग्रेस अध्यक्ष राहूल गांधी के एक ट्वीट से उनकी नींदें गायब हो गई. दरअसल जम्मू-काश्मीर के कठुआ जिले में एक आठ वर्षिय बच्ची के साथ लगातार सात दिन तक किये भीभत्स और भयावाह सामूहिक दुष्कर्म व हत्या कांड. उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के माखी गांव में एक नाबालिक लड़की के कथित दुष्कर्म व पीड़िता के पिता को पीट-पीटकर मार देने के आरोपी भाजपा विधायक को गिरफ्तार न किये जाने से गांधी व्यथित थे.

राहुल गांधी ने रात्री में तकरीबन साढ़े नौ बजे ट्वीटर पर एक ट्वीट किया. उन्होने लिखा कि आज लाखों हिन्दुस्तानियों की तरह मेरा मन भी दुखी है. दुष्कर्मियों को सरकार बचा रही है. इसके लिए मैं आज रात 12 बजे एक कैंडल मार्च शांति पूर्वक कांग्रेस कार्यालय से इंडिया गेट तक निकालने जा रहा हूँ, कृपया उसमें शामिल हों .गांधी के ट्वीट करने के मात्र डेढ़-दो घंटो में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित हजारों लोग, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे और बच्चियां भी शामिल थीं, दुष्कर्मियों के खिलाफ हाथों तख्तियां लेकर चल रहे कार्यकर्ता और बेटियां मोदी सरकार से ठोस कार्यवाही की मांग कर रही थीं. इस मार्च में "निर्भया "के माता-पिता सहित इंडिया गेट पर सपरिवार घूमने आये सैलानी भी शामिल हो गये उससे मार्च आधी रात में जनसैलाव में बदल गया. लोगों में देश में तेजी से बढ रही दुष्कर्म की घटनाओं में भाजपा नेताओं के संलिप्त होने पर भारी गुस्सा था. क्ई वर्षों बाद इंडिया गेट पर लोगों ने मजहब की दीवार को गिराते हुये यह साबित किया कि वे न हिंदु हैं और न मुस्लमान हैं, सबसे पहले वे हिन्दुस्तानी हैं.

उल्लेखनीय है कि जम्मू-काश्मीर में भाजपा और पीडीपी की संयुक्त सरकार है. यहां गत जनवरी में कठुआ जिले के रासना गांव में एक मंदिर के सेवादार रिटायर्ड राजस्व अधिकारी संजीराम ने आपसी रंजिश में घुमंतू जाति की एक मासूम आठ वर्षिय बालिका का कुछ लोगों के साथ मिलकर अपहरण कर लिया. उसमें उसका बेटा, नाबालिक भतीजा और तीन पुलिस अधिकारी भी शामिल हो गये. लड़की को नशीले इंजैक्शन देकर मंदिर में ही सात दिन तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया. बाद में उसका गला दबाकर और पत्थर से कुचल कर हत्या कर लाश को जंगल में फैंक दिया. 9 अप्रैल को जब पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट कोर्ट में फाइल कर रही थी,तब भाजपा के मंत्रियों के इशारे पर कुछ हिंदुवादी युवाओं और वकीलों ने "जय श्री राम "नारे और सीबीआई की जांच की मांग को लेकर पुलिस को चार्ज शीट फाइल करने से हिंसात्मक तरीके से रोका.

वहीं भाजपाई कूपमंडूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके साथियों पर गत जून से दुष्कर्म का आरोप लगा रही एक युवती 9 अप्रैल को कूपमंडूक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फरियाद करने लखनऊ उनके निवास पर पंहुची. किन्तु कूपमंडूप योगी के अधिकारियों ने युवती को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया.
हताश होकर युवती ने आत्मदाह करने का प्रयास किया तो विधायक के भाई और समर्थकों ने उसके पिता की पुलिस की मौजूदगी में बेहरमी पिटाई कर दी. बाद में क्रास मुकदमा पुलिस दर्ज कर पीड़िता के पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि विधायक का भाई खुलेआम घूमता रहा. मगर पिटाई से अधमरे हुये पिता ने जेल में दम तोड़ दिया. मामला जब मामला मीडिया में पहुंचा तो आनन-फानन में विधायक के भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजना पड़ा. इधर विधायक बेदाग खुले में घूमते रहे. जब चारों तरफ से दबाव पड़ा और माननीय हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई, तब जाकर विधायक के खिलाफ आधी रात में बलात्कार सहित अन्य मामलों मुकदमा दर्ज कराया गया. इधर रात्री में दिल्ली में निकाले गए कैंडल मार्च के तत्काल बाद सीबीआई हरकत में आई और काफी मशक्कत के बाद ड्रामाई अंदाज में आज तड़के विधायक सीबीआई के हत्थे चढ़े.तो कहा जा सकता है कि आधी रात को निकाला गया कैंडल मार्च भाजपा के हाई वोल्टेज उपवास पर भारी पड़ा.