निर्भया कांड: सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी फांसी की सजा, मां ने कहा- जारी रहेगा हमारा संघर्ष

निर्भया कांड: सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी फांसी की सजा, मां ने कहा- जारी रहेगा हमारा संघर्ष
Published Date:
Monday, July 9, 2018 - 14:02

सुप्रीम कोर्ट आज निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में तीन दोषियों के मौत की सजा संबंधी दायर समीक्षा याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा है। इस तरह से निर्भया के सभी दोषियों को फांसी की सजा होगी।सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि समीक्षा याचिका पर उस वक्त गौर किया जाता है जब उसमें कोई ऐसा बिंदु हो जो पहले अदालत में उठाया न गया हो या उसे नजरअंदाज किया गया हो। इस याचिका में ऐसा कुछ नहीं था, इसलिए अदालत इनकी सजा को बरकरार रखते हुए इन्हें फांसी की सजा देती है।

वहीं निर्भया की मां ने कहा कि हमारा संघर्ष का यह अंत नहीं है। न्याय में देरी होने से समाज की दूसरी बेटियां भी प्रभावित हो रही हैं। मैं न्यायपालिका से अनुरोध करती हूं कि वह न्याय व्यवस्था को दुरूस्त करें और दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देकर निर्भया और समाज की दूसरी बेटियों और महिलाओं को न्याय दें।

उन्होंने कहा कि वह नाबालिग नहीं थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने ऐसे पाप किया। इस फैसले से न्यायपालिका पर हमारा विश्वास बढ़ा है कि हमें देर से ही सही पर न्याय जरूर मिलेगा।
Our struggle does not end here. Justice is getting delayed. It's affecting other daughters of the society. I request judiciary to tighten their judicial system, serve justice to Nirbhaya by hanging them as soon as possible & help other girls&women: Asha Devi, mother of 2012 Delhi pic.twitter.com/9BJUGULRQC
— ANI (@ANI) July 9, 2018

फैसला आने के बाद निर्भया के पिता बद्रीनाथ ने कहा कि हमें पता था कि समीक्षा याचिका रद्द हो जाएगी। लेकिन अब आगे क्या? बहुत समय बीत चुका है और इस दौरान बहुत सी महिलाओं के लिए खतरा बढ़ता ही जा रहा है। मुझे विश्वास है कि जल्द ही दोषियों को फांसी पर लटका दिया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया के वकील रोहन महाजन ने कहा कि यह विजय के पल हैं। इस फैसले से न्यायपालिका में दोबारा सबका विश्वास कायम हुआ है। हम आज संतुष्ट हैं। अब हमारी केंद्र सरकार से सिर्फ ये विनती है कि जो भी कार्रवाई बाकी है उसे तुरंत निपटाया जाए और दोषियों को फांसी दी जाए।

बता दें कि फैसला आने से पहले निर्भया की मां ने कहा था कि उन्हें यकीन है कि कोर्ट न्याय करेगा और उनकी बेटी के साथ हैवानियत करने वालों को जरूर फांसी की सजा मिलेगी। अब जिस तरह से यह फैसला आ गया है तो निर्भया के माता-पिता जरूर इस फैसले से संतुष्ट होंगे।निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि, 6 साल हो गए हैं। जैसी वारदात निर्भया के साथ हुई ऐसा आए दिन बच्चियों के साथ हो रहा है, हमारा सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया है। हमें उम्मीद है कि कोर्ट का फैसला हमारे हक में ही आएगा और हमें न्याय मिलेगा।वहीं इससे पहले निर्भया के पिता बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि, उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाली अमानवीयता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर. भानुमति और अशोक भूषण की पीठ मुकेश (29), पवन गुप्ता (22) और विनय शर्मा (23)की याचिका पर फैसला सुना सकती है।

मामले में मौत की सजा पाए चौथे आरोपी अक्षय कुमार सिंह (31) ने सुप्रीम कोर्ट के 5 मई 2017 के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर नहीं की थी। आरोपी के वकील एडवोकेट एपी सिंह ने कहा कि अक्षय ने अभी याचिका दायर नहीं की है। हम इसे दायर करेंगे।शीर्ष न्यायालय ने मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से मौत की सजा को बरकरार रखा था। मालूम हो कि दिल्ली की 23 साल की पैरामेडिकल की छात्रा का 16 दिसंबर 2012 को गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी।