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लव यात्री, या सनातन धर्म और माता भक्ति का सीधा मजाक, आराधना के पर्व का उड़ाया माखोल

लव यात्री, या सनातन धर्म और माता भक्ति का सीधा मजाक, आराधना के पर्व का उड़ाया माखोल
Sukhdev Choudhary
Wednesday, October 10, 2018 - 12:52
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मुंबई: हाल ही में एक फ़िल्म रिलीज हुई है जो भारतीय संस्कृति का जमकर माखोल उड़ा रही है। दरअसल माताजी की आराधना के इस पर्व को कुछ तथाकथित फ़िल्म निर्देशकों ने मजाक बना डाला है। इन फ़िल्म के निर्माताओं को इतना भी पता नही है कि फिलहाल जो डांडिया का स्वरूप है। इसे सिर्फ मात्र हुल्लड़ता का पर्याय बताया जा रहा है। गरबा करने की शैली को सिर्फ उछल कूद बताया जा रहा है। वह सिर्फ डांस की अलग अलग स्टेप बताने, कूल्हे मचकाने और हो हल्ला करने की बजाय नव दुर्गा माता जी की आराधना है।
 
इस वक्त गरबा इसलिए किया जाता है कि माताजी की गरबा के माध्यम से आराधना की जाए। यह नो दिन माताजी की उपासना, पूजा के लिए तय है। लेकिन हाल ही में रिलीज हुई यह लव यात्री फ़िल्म फूहड़ता को जमकर बढ़ावा दे रही है। भारत की सतातन परम्पराओ का घटिया नमूना पेश कर रही है। डांडिया स्थल को मात्र प्रेमी प्रेमिकाओं की मिलन स्थली के अलावा और कुछ साबित नही कर रही है। यही नही इस दौरान जो डांडिया किया जा रहा है वह भारतीय संस्कृति के सीधे विपरीत, क्योकि इस फ़िल्म का नायक जूते पहनकर गरबा कर रहा है। तो नायिका को भी अपने पैरों का कम ख्याल नही है। 

उल्लेखनीय है की वह भी गरबा करने के वक्त बकायदा जूती पहनकर देखी जा सकती है। व्यक्तिगत तौर पर इस गरबा की धुनों पर उचकते, फूहड़ता करते यह नायक और नायिका मन दुखी कर रहे है। यही नही पूरी तरह भारतीय संस्कृति का मजाक उड़ाने के लिए यह फ़िल्म काफी है। क्योकि यह फ़िल्म भारत को छोड़ जहां भी प्रदर्शित होगी। वहां भारतीय सतातन धर्म का दुष्प्रचार होना तय है। जो आगे आने वाले समय के लिए बहुत घातक होगा। 

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