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जेटली बताएं कि खुद माल्या को भगाया या किसी के कहने पर ?

जेटली बताएं कि खुद माल्या को भगाया या किसी के कहने पर ?
Friday, September 14, 2018 - 12:56
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भगोड़ा घोषित किए जा चुके शराब कारोबारी विजय माल्या के हालिया बयान ने विपक्ष को सरकार को घेरने का एक मौका दे दिया है. विजय माल्या ने बयान दिया है कि भारत छोड़ने से पहले बह केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला था और इस मामले में समझौते की पेशकश की थी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में प्रेस कांफ्रेसे कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. इससे पहले राहुल ट्विटर पर जेटली से इस्तीफा मांग चुके हैं.

राहुल गांधी ने आज कहा कि अरुण जेटली ने कहा कि विजय माल्या ने संसद में उनसे मुलाकात की थी, वह लंबे ब्लॉग लिखते हैं, लेकिन इस बारे में कुछ नहीं लिखते हैं. राहुल ने आगे कहा कि वित्त मंत्री मुलाकात को लेकर झूठ बो रहे हैं. उनके साथी पीएल पुनिया ने माल्या और वित्त मंत्री को बात करते हुए देखा था. इस बात के सबूत भी हमारे पास हैं.

वहीं पुनिया ने बताया कि 1 मार्च को अरुण जेटली और विजय माल्या के बीच 15-20 मिनट तक बातचीत हुई. दोनों पहले खड़े होकर बात कर रहे थे लेकिन बाद में सेंट्रल हॉल में बैठकर बात करने लगे.
मांग करते हुए उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि संसद की सीसीटीवी फुटेज की जांच होनी चाहिए ताकि सारी सच्चाई उजागर हो जाए.

वित्त मंत्री पर कई सवाल दागते हुए उन्होंने कहा कि वह एक भगोड़े से बात करते हैं, और भगोड़ा उन्हें बताता है कि वह देश छोड़ रहा है. लेकिन उन्होंने न तो पुलिस को बताया, न ही सीबीआई को बताया साथ ही लुकआउट नोटिस में भी ढील दी गई थी.

वित्त मंत्री से सवाल करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह सच बताएं कि इसके लिए वो जिम्मेदार हैं, या फिर उन्हें ऊपर से ऑर्डर आ रहे हैं. साथ ही उन्होंने तुरंत इस्तीफे की मांग की. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि लुकआउट नोटिस को सिर्फ वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री ही बदलवा सकते हैं. वित्त मंत्री ने विजय माल्या को जाने दिया.

गौरतलब है कि बुधवार को राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था कि वित्त मंत्री पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें तल्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो सके.

आपको बता दें कि विजय माल्या ने बुधवार को कहा कि वह लंडन जाने से पहले अरुण जेटली से मिला था और उसने बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी.

जिसके बाद वित्त मंत्री ने न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए माल्या के बयान पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि तथ्यों के अनुसार माल्या का दावा पूरी तरह से सही नहीं है. मैंने माल्या को कभी भी मिलने का समय नहीं दिया. राज्यसभा के सांसद के रूप में वह सदन में आया करते थे. उन्होंने बताया कि एक बार वह सदन से निकलकर अपने कमरे में जा रहे थे तभी माल्या ने उनके सामने समझौते की बात कही थी, जिस पर उन्होंने कहा कि मेरे साथ बात करने का कोई फायदा नहीं, यह प्रस्ताव बैंकों के साथ करें.

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