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एक आईपीएस हैं, जो इंसाफ के लिए काट रहे हैं थानों और दफ्तर के चक्कर

एक आईपीएस हैं, जो इंसाफ के लिए काट रहे हैं थानों और दफ्तर के चक्कर
Friday, October 12, 2018 - 11:45
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जयपुर। - धोखाधड़ी के एक प्रकरण में उचित कार्रवाई के लिए एक रिटायर्ड आईपीएस अफसर को चक्कर पे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। तो सोचिए आम आदमी इस पुलिस तंत्र से कितना परेशान होता होगा। इसी को लेकर पढ़िए, पुलिस की उदासीनता को बेनकाब करती हमारी यह खास रिपोर्ट...

78 साल के शिवकुमार शर्मा एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं, लेकिन पुलिस महकमें में इनकी दास्तां सुनने वाला कोई नहीं है। 29 साल पहले राज्य वित्त निगम ने खंडेला वूलन मिल प्राइवेट लिमिटेड को खुली बोली के तहत बैचा था। शिवकुमार शर्मा के पिता वैद्य नारायण शर्मा ने करीब 9 लाख रुपए में इस मिल की भूमि, भवन और प्लांट को खरीदा था। मिल की जमीन और पूरे सामान का स्वामित्व शिवकुमार शर्मा के पिताजी के नाम कर दिया गया था, लेकिन 2010 में उसी भूखंड के 20 हजार गज हिस्से का तत्कालीन नायब तहसीलदार और पटवारी से मिलीभगत करके बेचान कर दिया गया। 

लिक्विडेशन ऑर्डर के द्वारा हाईकोर्ट ने जिन लोगों के अधिकारी छीन लिए थे, उन्हीं लोगों के नाम से जमीन का फर्जी तरीके से बेचान कर दिया गया। इस फर्जीवाड़े की जानकारी जब शिवकुमार शर्मा को लगी तो उन्होंने आरटीआई एक्ट के तहत दस्तावेज जुटाए। सीकर के रानोली और खंडेला में धोखाधड़ी के दो मुकदमें दर्ज कराए। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर, पुलिस ने इस प्रकरण पर एफआर लगा दी। कोर्ट ने पुलिस की एफआर को मंजूर नहीं किया और फिर से जांच करने के आदेश दिए। दोनों प्रकरणों की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच को भेज दी गई। सात साल हो गए, अभी तक पुलिस की जांच चार कदम आगे नहीं बढ़ पाई है।

पीड़ित शिवकुमार शर्मा का कहना है कि उनके पास हाईकोर्ट के लिक्विडेशन ऑर्डर और राजस्थान वित्त निगम द्वारा बेची गई जमीन के दस्तावेज सहित सेल की डीड भी है, लेकिन जांच अधिकारी ये दस्तावेज देखने को तैयार ही नहीं है। इन मुकदमों की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी के पास है। रिटायर्ड आईपीएस जब जांच अधिकारी से बात करते हैं तो वे दस्तावेजों को नजर अंदाज करते हुए आरोपियों का पक्ष लेते नजर आते हैं।

धोखाधड़ी के इन मुकदमों की जांच पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर 7 साल से अटका रखी है। अब सोचिए एक रिटायर्ड आईपीएस के साथ पुलिस ऐसा बरताव कर रही है तो आम आदमी को पुलिस के सामने कितने पापड़ बेलने पड़ते होंगे।

 

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