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एमपी में राजनीतिक हलचल फिर तेज, सिंधिया गुट के 6 मंत्री किए गए बर्खास्त

शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान कमलनाथ ने अपने कैबिनेट से 6 सदस्यों को बाहर करने की सिफारिश की थी.
मध्य प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसी क्रम में एमपी के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की सलाह पर उनके मंत्रिमंडल के 6 सदस्यों को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से अलग कर दिया है. बता दें कि ये सभी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के बताए जा रहे हैं और हाल ही में इन लोगों ने अपने इस्तीफे की घोषणा भी की थी.

राजभवन से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के कहने पर राज्यपाल ने इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया है. ये सभी मंत्री सिंधिया समर्थक हैं और फिलहाल बेंगलुरु में हैं.

गवर्नर लालजी टंडन से मिले सीएम कमलनाथ

बता दें कि सरकार पर मंडराते संकट के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की थी. कमलनाथ ने राज्यपाल को एक चिट्ठी भी सौंपी है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और बंधक बनाने का आरोप लगाया है.
कमलनाथ ने की बंधक बनाए गए विधायकों को छुड़ाने की मांग

राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण और बजट सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट होगा, लेकिन यह तभी संभव है जब 22 विधायकों को कैद से मुक्त किया जाए. सरकार को अस्थिर करने के लिए बीजेपी ने कई बार कोशिश की. इस बार विधायकों को बंधक बनाया गया है. हमने विधायकों को रिहा कराने की मांग की है.

कमलनाथ का दावा- बंधक बनाए गए हैं विधायक

सीएम कमलनाथ का आरोप है कि इन 19 विधायकों को बीजेपी ने एक रिजॉर्ट में रखा है. विधायकों को किसी से भी संपर्क करने की इजाजत नहीं दी जा रही है. विधायकों को बंधक बना लिया गया है. 10 मार्च को बीजेपी के नेता विधानसभा अध्यक्ष के पास पहुंचे थे और उन्होंने 19 विधायकों का इस्तीफा सौंपा था. इन विधायकों का इस्तीफा बीजेपी नेताओं ने सौंपा, जो कि गलत है.

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