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कोरोना से बचना है तो रहिए कैशलेस, कम हो जाएगा इन्फेक्शन का खतरा

भारत में कोरोना वायरस के 70 से ज्‍यादा मामलों की पुष्टि हो गई है. इस वायरस की वजह से कर्नाटक में एक मौत भी हो गई है.
चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस अब महामारी बन चुका है. दुनिया भर में इस वायरस की वजह से 4000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

वहीं, भारत समेत दुनिया के बड़े देशों की इकोनॉमी भी लड़खड़ा रही है. भारत में इस वायरस से बचने के लिए सरकार की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. इसके साथ ही लोगों को साफ-सफाई की नसीहत भी दी जा रही है. लेकिन क्‍या आपको पता है कि अगर कैशलेस पेमेंट के जरिए भी इस वायरस से बचा जा सकता है.
कैसे कैश से फैल सकता है वायरस?

जानकारों की मानें तो किसी भी वायरस के फैलने में कैश की सबसे बड़ी भूमिका होती है. दरअसल, बाजार के चलन में जो नोट या सिक्‍के रहते हैं वो अलग-अलग हाथों में जाते हैं. इन्‍हें लोग शरीर के अलग-अलग हिस्‍सों में रखते या छुपाते हैं. नोट या सिक्‍कों को शरीर के उन हिस्‍सों में भी रखा जाता है, जहां वायरस की सबसे अधिक संभावना रहती है.
ये तय नहीं होता कि कैश किन हाथों में गया है. यह संभव है कि जिस नोट या सिक्‍कों का आप इस्‍तेमाल कर रहे हैं वो पहले किसी कोरोना वायरस के मरीज ने इस्‍तेमाल किया हो. ऐसे में यह वायरस जाने- अनजाने में आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है. यही वजह है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए कैशलेस पेमेंट पर जोर देने को कहा जा रहा है.

कैशलेस पेमेंट का क्‍या मतलब?

कैशलेस पेमेंट पर जोर देने का मतलब ये है कि आप कैश की बजाए ऑनलाइन पेमेंट मोड का इस्‍तेमाल करें. इसके अलावा अपने डेबिट या क्रेडिट समेत अन्‍य तरह के कार्ड को स्‍वाइप कर भी पेमेंट किया जा सकता है. इसके जरिए आप कैश के लेनेदेन से बच सकते हैं. इससे वायरस के फैलने की आशंका भी बेहद कम रह जाएगी. इसके अलावा आप ऑनलाइन पेमेंट के जरिए कैश के झंझट से भी मुक्‍ति पा सकेंगे. अलग-अलग ऑनलाइन पेमेंट मोड पर कई तरह के कैशबैक और अन्‍य सुविधाएं भी दी जाती हैं.

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