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शहरों से पैदल घर लौट रहे मजदूरों की मौत की संख्या 25 हुई

 

 

 

दिल्ली (कृष्ण कांत )  शहरों से पैदल घर लौट रहे मजदूरों की मौत की संख्या 25 हो गई है. इनमें से कुछ की मौत पैदल चलने से हुई है, कुछ मौतें सड़क हादसों की वजह से हुई है. देश में कोरोना संक्रमण से अब तक 35 मौतें हो चुकी हैं, जबकि शहरों से पैदल अपने गांव लौट रहे कम से कम 25 मजदूरों की मौत हुई है.
मुकेश बैरवा सवाई माधोपुर ​के निवासी थे. जयपुर की एक बीज फैक्ट्री में काम करते थे. फैक्ट्री बंद होने के बाद मुकेश अपने परिचितों के साथ जयपुर से पैदल अपने गांव जा रहे थे. मुकेश कई दिनों से बीमार चल रहे थे. दो तीन दिनों से ठीक से कुछ खाया नहीं था. वे बीमार हालत में अपने बच्चों को गोद में उठाकर पैदल चल रहे थे. भास्कर और दैनिक रिपोर्टर की खबर कहती है कि शनिवार रात दस बजे उनियारा में मेगा हाईवे बाईपास पर उनकी तबियत बिगड़ गई. उनके साथी उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई. मुकेश के साथ उनकी पत्नी और तीन छोेटे बच्चे भी थे. वे रात भर अस्पताल के बाहर बिलखते रहे.
बीबीसी हिंदी की ​एक रिपोर्ट के मुताबिक, 27 मार्च को गुजरात के सूरत में 62 साल के गंगाराम की मौत हो गई. गंगाराम एक हॉस्पिटल से अपने घर की ओर पैदल जा रहे थे जो कि करीब 8 किमी दूर था. उन्हें घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो पैदल ही जा रहे थे. रास्ते में वे सड़क पर वह बेहोश होकर गिर गए. उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अमर उजाला की एक और खबर के मुताबिक, लॉकडाउन के चलते पैदल ही सोनीपत की तरफ जा रहे मजदूर को गोहाना-सोनीपत मार्ग पर गांव बड़ौता के निकट बाइक चालक ने टक्कर मार दी. हादसे में मजदूर की मौत हो गई. बाइक सवार फरार हो गया. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गांव करेला का निवासी संजीव अपने भाई प्रमोद और मामा मुनीष कुमार के साथ रोहतक जिले के गांव लाखनमाजरा में दिहाड़ी करने आया था. लॉकडाउन होने के चलते काम बंद हो गया था. वाहन नहीं मिलने पर शनिवार को तीनों पैदल ही अपने गांव जा रहे थे.
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, रविवार सुबह कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर आठ लोगों को एक गाड़ी ने कुचल दिया. इसमें एक बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हुए. ये सभी मजदूर थे और दिल्ली से अपने गांव जाने के लिए पैदल निकले थे.
अमर उजाला के मुताबिक, मुरैना निवासी रणवीर दिल्ली से पैदल मुरैना जा रहे थे. वे शनिवार सुबह आगरा पहुंचे थे, तभी अचानक उनके सीने में दर्द हुआ और उनकी तबियत खराब हो गई. पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों में उन्हें मृत घोषित कर दिया. रघुवीर दिल्ली के तुगलकाबाद में एक रेस्टोरेंट में डिलीवरी बॉय का काम करते थे.
जागरण के अनुसार, लाॅकडाउन में कोलकता से घर लौट रहे 30 मजदूरों से भरी एक पिकअप वैन शुक्रवार की देर रात झारखंड के देवघर में पलट गई. एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन घायल हो गए.
अमर उजाला के मुताबिक, महाराष्ट्र और कर्नाटक से पैदल अपने घरों की ओर जा रहे मजदूर हादसे का शिकार हो गए. दोनों राज्यों में तीन हादसों में 12 लोगों की मौत हुई.
महाराष्ट्र के वापी और करामबेली स्टेशन पर दो महिलाएं तेज रफ्तार मालगाड़ी से टकरा गईं और उनकी मौत हो गई. महाराष्ट्र के पालघर में एक तेज रफ्तार टेंपो ने चार लोगों को बुरी तरह से कुचल दिया. उनकी मौके पर ही मौत हो गई और तीन घायल हुए. कर्नाटक में शनिवार रात को लॉरी और मिनी ट्रक की टक्कर के बाद छह लोगों की मौत हुई, जबकि छह लोग घायल हुए.
अमर उजाला की एक अन्य खबर के मुताबिक, मजदूरों से भरी एक पिकअप गाड़ी कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे पर गुरुवार देर रात अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 11 गंभीर रूप से घायल हो गए. पिकअप में 12 मजदूर दिल्ली से बरेली जा रहे थे.
हिंदुस्तान की एक खबर के मुताबिक, लॉकडाउन के बाद हरियाणा से घर आ रहे रामपुर निवासी मजदूर चलती बस से गिर गया. उसकी मौत हो गई. रामपुर के गांव लाडोपुर निवासी नितिन और भाई पंकज हरियाणा की जूता फैक्ट्री मजदूरी करते थे.
जागरण की खबर है कि हाथरस के गांव महमूदपुर नगला ढक निवासी गजेंद्र कुमार (20) नोएडा में मजदूरी करता था. लॉकडाउन के बाद पैदल वापस जा रहा था. अलीगढ़ के पास अज्ञात वाहन ने उसे कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई. शुक्रवार को उसका शव गांव पहुंचा.

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